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सालाना ऑडिट रिपोर्ट भी संदेह के घेरे में

बिल्डर दिलीप सूर्यवंशी तथा खनिज व्यापारी सुधीर शर्मा के ठिकानों पर पड़े छापे के दौरान विभिन्न विभागों की ऑडिट रिपोर्ट आयकर विभाग को मिली है। आईटी की टीम को पहली नजर में आडिट रिपोर्ट तथा इन दोनों के यहां से मिलने वाले व्यावसायिक दस्तावेजों में अंतर नजर आ रहा है। इधर आयकर विभाग ने प्रदेश के खनिज विभाग, पंजीयन कार्यालय तथा रजिस्ट्रार फम्र्स सोसायटी के दफ्तर से भी जानकारी मंगाई है। छापा डालने के बाद अब आयकर विभाग की टीम ने बिल्डर दिलीप सूर्यवंशी तथा खनिज व्यापारी सुधीर शर्मा की कंपनियों के दस्तावेजों की छानबीन तेज कर दी है। दोनों के निवास से मिले दस्तावेजों के अनुसार इनका कारोबार सैकड़ों करोड़ रुपयों का है। हर साल इनके कारोबार का ऑडिट भी होता था। सूत्रों के अनुसार ऑडिट रिपोर्ट तथा अब मिली संपत्ति का मिलान किया जा रहा है। पहली नजर में दोनों के बीच अंतर नजर आ रहा है। जांच के आखिर तक अगर यह अंतर बरकरार रहता है तो ऑडिट करने वाली सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों से भी पूछताछ की जाएगी। आईटी विभाग को सीए के जरिए आडिट को गुमराह करने अथवा मिलीभगत करने की आशंका है। इधर विभाग ने नगर निगम से जो जानकारी मांगी थी वह उसे मिल गई है। अब विभाग को जमीनों की रजिस्ट्रियों की जांच के लिए पंजीयन कार्यालय की रिपोर्ट का इंतजार है। इसी तरह से आईटी ने खनिज विभाग से सुधीर शर्मा की खदानों से जुड़ी जानकारी मांगी है।
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