
इन्फोसिस महज 10 साल पुरानी कंपनी है जिसका सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय ऑफिस बॉस्टन में है। एक जमाना था जब संघर्षशील आंट्रप्रन्योर के तौर पर एनआर नारायणमूर्ति भी कम्प्यूटर इंपोर्ट करने के लिए लाइसेंस की चाहत में यहां से वहां दौड़ भाग करते रहते थे। आज वह भारतीय आईटी सर्विसेज बिजनस के महारथी हैं। इन्फोसिस देश में पैसे बनाने का प्रतीक बन चुका है। आज कंपनी के 200 लोग डॉलर के हिसाब से लखपति हो चुके हैं जबकि रुपये के हिसाब से लखपतियों की संख्या करीब 20,000 हो गई है। इन्फोसिस का रेवेन्यू 1992 में 1.5 मिलियन डॉलर था जो 2016 में बढ़कर 9.5 बिलियन डॉलर हो चुका है। नारायणमूर्ति ने किन संघर्षों से जूझकर अपनी कंपनी खड़ी की, जानिए उन्हीं की जुबानी…















comment closed