मप्र में बाल यौन हिंसा के खिलाफ कड़ा कानून बनेगा : शिवराज
By dsp bpl On 7 Oct, 2017 At 01:36 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मासूमों के साथ दुराचार करने वाले अपराधियों को कठोरतम दण्ड दिलाने के लिये राज्य सरकार शीध्र ही विधानसभा में विधेयक लाएगी। चौहान ने कहा, ‘‘मासूमों के साथ दुराचार करने वाले अपराधियों को कठोरतम दण्ड दिलाने के लिये राज्य सरकार शीघ्र ही विधानसभा में विधेयक लाएगी और इसे पारित कर भारत सरकार को भेजेगी।’’ उन्होंने कहा कि समाज में इस प्रकार की विकृत मानसिकता को समाप्त करने के लिये जन-जगरण अभियान चलाना होगा। सरकार और समाज के सभी वर्गों को मिलकर सार्थक प्रयास करने होंगे।

चौहान ने समाज के सभी वर्गों का आव्हान किया है कि बाल यौन हिंसा की घातक मानसिकता को जड़ से समाप्त करने के लिये एकजुट होकर कार्य करें। उन्होंने कहा, ‘‘यह मानसिकता स्वस्थ समाज के लिये हानिकारक है। इस प्रकार की घटनाओं का समाज में हर स्तर पर कड़ा विरोध होना चाहिये।’’ चौहान ने शनिवार को तात्या टोपे स्टेडियम में नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी की ‘सुरक्षित बचपन-सुरक्षित भारत’ यात्रा के अभिनन्दन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाल मजदूरी प्रथा को भी समाप्त करने के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों के सपनों को साकार करने के लिये नि:शुल्क शिक्षा, गणवेश, विद्यालय जाने के लिये साईकिल, बालिकाओं के लिये उच्च शिक्षा शिष्यवृत्ति, सभी वर्गों के लिये छात्रवृत्ति, 12वीं के मेधावी बच्चों को लेपटॉप, महाविद्यालय में प्रवेश पर स्मार्ट फोन और मेधावी विद्यार्थियों की शिक्षा की फीस भरवाने आदि की योजनाएं संचालित कर रही है।

चौहान ने बच्चों की जिन्दगी संवारने के लिये सत्यार्थी के प्रयासों को त्याग, तपस्या और समर्पण की मिसाल बताया। इस अवसर पर नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने बताया कि यह यात्रा समाज से बाल हिंसा के कलंक को खत्म करने के लिये आयोजित की जा रही है। यात्रा 11 सितम्बर से प्रारंभ हुई है और देश के 22 राज्यों से होते हुए करीब 11,000 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। सत्यार्थी ने बताया कि यात्रा का समापन 16 अक्टूबर को राष्ट्रपति भवन में होगा। उन्होंने कहा कि यह यात्रा लैंगिक उत्पीड़न के प्रति समाज की मानसिकता को बदलने की सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्रांति की प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री चौहान की संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में प्रदेश की सरकार और समाज मिलकर बचपन को सुरक्षित करने का आदर्श प्रस्तुत करेंगे। इस अवसर पर यात्रा में शामिल लोगों को बाल हिंसा के विरोध में संघर्ष करने का संकल्प दिलाया गया।

Leave a comment

XHTML: You can use these tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>