नई दिल्ली, 23 नवम्बर (हि.स.)। नोटबंदी के कारण देशवासियों के समक्ष उत्पन्न नकदी की समस्या को हल करने के लिए सरकार ने बुधवार को कुछ और राहत देने की घोषणायें की हैं जिसमें क्रेडिट और डेबिट कार्ड पर सर्विस चार्ज नहीं लगने और जिला कोआपेरेटिव बैंकों को 21 हजार करोड़ मिलना शामिल है। इसके अलावा पेटीएम जैसे ई वालेट में अब 10 हजार की जगह 20 हजार रुपये जमा कराये जा सकेंगे।
नोटबंदी के 15वें दिन वित्त मामलों के सचिव शक्तिकांतदास ने बुधवार को एक प्रेसवार्ता में यह जानकारी देते हुए बताया कि सरकार नकदी की समस्या को हल करने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। इसके तहत रोज़ाना तीन पारियों में नए नोट छापे जा रहे हैं तथा 82 हजार एटीएम मशीनों में आवश्यक तकनीकी बदलाव भी कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि निजी क्षेत्र भी अपने कर्मचारियों को भी डिजिटल भुगतान करेंगे। उन्होंने बताया कि कार्पोरेट क्षेत्रों ने भी बैंकों से इस बाबत संपर्क किया है। श्री दास ने बताया कि सरकार की अब सबसे बड़ी प्राथमिकता गांव में कैश उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि 1 लाख 55 हजार डाकघरों में नकदी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है तथा बैंक और एटीएम को भी अधिक धनराशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को राहत देने के लिए नाबार्ड के ज़रिए फंड की व्यवस्था की जायेगी तथा फसल ऋण के लिए फसलों की सूची तैयार की गई है। एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों में नोटबंदी के कारण भिन्न-भिन्न चुनौतियां सामने आई हैं। उन राज्यों में कानून व्यवस्था बनाये रखने वाली एजेंसियां उनसे निपट रही हैं। यह पूछे जाने पर की 24 नवंबर के बाद पुराने नोट बदले जायेंगे कि नहीं, उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। वहीं रेलवे की ई टिकटों पर 31 दिसंबर तक चार्ज नहीं लगेगा।



