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मुंबई: अब तक कार्यकारी अध्यक्ष की भूमिका निभा रहे उद्धव ठाकरे ने बुधवार को शिवसेना के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाल ली है. शिवसेना के संस्थापक प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के निधन के बाद से यह पद खाली था.

शिवसेना भवन में बुधवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक बुलाई गई, जिसमें औपचारिक तौर पर उद्धव को पार्टी की जिम्मेदारी सौंपी गई.

शिवसेना के लिए आज का दिन इस लिए भी खास है कि 23 जनवरी बाला साहेब का जन्म दिन है और इसी मौके पर शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक बुलाई गई.

अभी तक उद्धव ठाकरे कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर पार्टी का कामकाज देख रहे थे. पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में शिवसेना के करीब 200 पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिसमें पार्टी के सांसद, विधायक, राज्य प्रमुख, जिला प्रमुख समेत कई विशेष आमंत्रित सदस्य भी शामिल थे.

उद्धव ठाकरे को अध्यक्ष चुनने के साथ-साथ शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पास किए गए. इनमें से सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव रा युवा सेना के अध्यक्ष और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को पार्टी की मुख्य धारा से जोड़ना.

शिवसेना चाहती है कि उसकी पहचान एक युवा पार्टी के तौर पर बनी रहे है. जैसे बाला साहेब की एक पुकार पर हजारों युवा शिवसैनिक दौड़े चले आते थे उसी तरह आदित्य पार्टी के युवाओं के नेतृत्व करें.