भोपाल। मध्य प्रदेश में इस समय सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर आठ रुपए किलो प्याज की खरीद की जा रही है। सरकार प्याज तो खरीद रही है लेकिन रखने के इंतजाम अभी नहीं कर पाई है। अभी तक जो भी प्याज खरीदी गई वह मंडियों में बने टीन शेड में रखी जा रही है जो पूरी तरह फुल हो गए हैं। राजधानी सहित मध्यप्रदेश के कई इलाकों में गुरुवार देर रात हुई बारिश से हजारों क्विंटल प्याज पानी गिरने से सड़ना शुरू हो गया है।
जानकारी के अनुसार भोपाल की करोंद मंडी में कई ट्राली प्याज अभी भी खुले में बिकने के लिए बची है। ऐसे में मानूसन भी मेहरबान हो गया है जिससे कई क्विंटल प्याज सड़ गया है। मंडी में हो रही धीरे-धीरे तुलाई को लेकर किसानों के सब्र का बांध टूट गया और शुक्रवार को किसानों ने अव्यस्थाओं को लेकर मंडी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। रमजान का आज आखिरी जुमा भी है। ऐसे में आज प्याज की खरीद मंडी में बंद रहेगी। प्याज की तुलाई आज नहीं होने से किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा
दूसरी ओर नए कलेक्टर सुदाम खाड़े ने ज्वाइन करते ही राजधानी में चल रहे विकास कार्यों और समर्थन मूल्य पर हो रही खरीद को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक ले रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल भी सरकार ने समर्थन मूल्य पर किसानों से प्याज खरीदी थी, लेकिन पानी गिरने से हजारों क्विंटल प्याज सड़ गया था जिससे सरकार को करोड़ों रुपए का घाटा भी हुआ था । हालांकि इस बार सरकार ने राशन की दुकानों पर प्याज बांटने का निर्णय किया है जो बीपीएल और एपीएल राशन धारक को 50 किलो प्याज दी जाएगी। इसके बावजूद यह प्याज कब बंटेगी? अभी तक यह तय नहीं हो पाया है।



