इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल महाराजा यशवंत राव अस्पताल (एमवायएच) में 24 घंटे में 17 मरीजों की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन और आला अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते दिखाई दे रहे हैं। मरीजों के मौत की वजह ऑक्सीजन आपूर्ति प्रभावित होने की बात कही जा रही है। हालांकि कई बच्चों के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और डाक्टारों की लापरवाही के कारण इतने बच्चों की मौत हुई है।
इंदौर के कमिश्नर संजय दुबे का कहना है कि ऑक्सीजन आपूर्ति प्रभावित होने या चिकित्सकीय लापरवाही के कारण बच्चों की मौत नहीं हुई बल्कि गंभीर बीमारी के चलते इतने लोगों की मौत हुई है। आईसीयू में औसत आठ से दस मरीजों की हर रोज मौत होती है, क्योंकि यहां गंभीर से गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है।
चिकित्सा शिक्षा लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री शरद जैन ने उच्च स्तरीय जांच कराने की बात कही है। साथ ही यह भी कहा कि आरोपियों को इसकी सजा मिलेगी। दूसरी ओर शुक्रवार सुबह एमवायएच के गेट पर बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और मृतकों के परिजन इकट्ठा हुए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस के नेताओं ने कहा लापरवाह अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड किया जाए और मृतकों के परिजनों को मुआवजा राशि भी दी जाए। भीड़ को देखते हुए अस्पताल के बाहर तीन थानों के टीआई और भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है।



