जम्मू। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में शुक्रवार सुबह एक बार फिर आतंकियों ने पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन कैंप पर हमला करने की कोशिश की, मगर सर्तक जवानों ने इसे नाकाम बना दिया। इसी बीच काफी समय तक दोनों तरफ से लगातार गोलीबारी जारी रही। सूचना प्राप्त होते ही अतिरिक्त सुरक्षाबलों को वहां भेजा गया। गोलीबारी में अब तक किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेर आतंकियों की धरपकड़ के लिए सर्च ऑपरेशन जारी रखा है।
ज्ञात रहे कि पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान की ओर से लगातार घुसपैठ की कोशिशें चल रही हैं। पिछले दो से तीन दिनों में अब तक चार बार घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया जा चुका है। इस दौरान सात आतंकियों को मार गिराया तथा इसी बीच सेना का भी एक जवान शहीद हुआ है।
अलगाववादियों द्वारा आहूत हड़ताल व प्रदर्शन के मद्देनजर कफ्यू जैसे प्रतिबंध लागू
शोपियां में बीते दिनों आतंक विरोधी अभियान के दौरान भड़की हिंसा के चलते युवक की मौत के विरोध में अलगाववादियों द्वारा आहूत हड़ताल और प्रदर्शनों के मद्देनजर प्रशासन ने श्रीनगर के ज्यादातर हिस्सों में कफ्यू जैसे प्रतिबंध लागू किए हैं। इसी बीच श्रीनगर के सात पुलिस थानों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों जैसे खानयार, एमआर गंज, सफाकदल, रैनावाडी, नौहट्टा, क्रालखोड और मयसूमा में यह प्रतिबंध लागू किए हैं। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन स्थानों तथा दूसरे जिला मुख्यालयों में आईपीसी धारा-144 के तहत लोगों के जमा होने तथा आवाजाही पर रोक व प्रतिबंध लगा दिए हैं।
वहीं युवक की मौत के विरोध में सैयद अली शाह गिलानी, मीरवायज उमर फारूक और यासीन मलिक के संयुक्त अलगाववादी नेतृत्व ने शुक्रवार को हड़ताल और प्रदर्शनों का आह्वान किया है। इसी बीच, अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी लगातार नजंरबंद चल रहे हैं। मीरवाइज़ उमर फारूक को भी शुक्रवार को उनके अपने ही निवास स्थान पर नज़रबंद कर दिया गया है। इस दौरान घाटी के उन इलाकों पर कोई प्रतिबंध लागू नहीं किया गया है बल्कि उन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है।



