Home खेल नहीं चली श्रीलंका की, भारत ने किया क्लीन स्वीप

नहीं चली श्रीलंका की, भारत ने किया क्लीन स्वीप

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मुंबई। भारत ने श्रीलंका पर अपना दबदबा बरकरार रखते हुए तीसरे और अंतिम टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में पांच विकेट से जीत दर्ज करके तीन मैचों की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। भारत के तेज और स्पिन मिश्रत आक्रमण के सामने श्रीलंकाई बल्लेबाज खुलकर नहीं खेल पाये और सात विकेट पर 135 रन ही बना पाये। उसके छह बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुंचे जिनमें असेला गुणरत्ने ने सर्वाधिक 36 रन बनाये। अंतिम क्षणों में दासुन शनाका ने नाबाद 29 रन की पारी खेली। भारत को भी रन बनाने के लिये संघर्ष करना पड़ा लेकिन आखिर में उसने 19.2 ओवर में पांच विकेट पर 139 रन बनाकर श्रीलंका की जीत से अंत करने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

भारत के लिये मनीष पांडे (29 गेंदों पर 32), श्रेयस अय्यर (32 गेंदों पर 30), कप्तान रोहित शर्मा (20 गेंदों पर 27) की छोटी पारियां आखिर में महत्वपूर्ण साबित हुआ। दिनेश कार्तिक (नाबाद 18) और महेंद्र सिंह धोनी (नाबाद 16) ने अंत में 19 गेंदों पर 31 रन की अटूट साझेदारी करके टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। श्रीलंका इस तरह से वर्तमान दौरे में जीत के लिये आखिर तक जूझता रहा। भारत ने तीन मैचों की श्रृंखला 1-0 और फिर वनडे श्रृंखला 2-1 से जीती थी। भारत की टी20 में श्रीलंका के खिलाफ यह लगातार सातवीं जीत है। पिछले दोनों मैच एकतरफा छूटे थे लेकिन इस मैच में फैसला आखिरी ओवर तक गया जिससे अंत तक रोमांच बना रहा। भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन से हालांकि एक समय लग रहा था कि यह मैच भी एकतरफा रहेगा। जयदेव उनादकट ने विशेषकर प्रभावित किया और 15 रन देकर दो विकेट लिये। हार्दिक पंड्या (25 रन देकर दो विकेट) ने भी दो विकेट लिये जबकि भारत की तरफ से टी20 में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले आफ स्पिनर वाशिंगटन सुंदर (19 रन देकर एक विकेट) ने कसी हुई गेंदबाजी की।

भारतीय बल्लेबाजों के लिये भी रन बनाना आसान नहीं रहा। रोहित ने अकिला धनंजय पर मिडआफ छक्का जमाकर दिखाया कि वह इंदौर वाले रंग में हैं लेकिन लग रहा था कि आज श्रीलंकाई गेंदबाज कुछ सबक लेकर मैदान पर उतरे थे। केएल राहुल केवल चार रन बनाकर दुशमंत चमीरा (22 रन देकर दो) की गेंद पर पगबाधा हो गये। तीसरे अंपायर के निर्णय के बावजूद यह सलामी बल्लेबाज इस फैसले से खुश नहीं दिखा। रोहित भी पावरप्ले समाप्त होने के बाद दासुन शनाका (27 रन देकर दो) की गेंद पुल करके डीप स्क्वायर लेग पर आसान कैच दे बैठे।

उन्होंने 20 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन बनाये। भारत ने पहले छह ओवरों में एक विकेट पर 37 रन बनाये थे लेकिन इसके बाद बल्लेबाजों को रन बनाने के लिये जूझना पड़ा। अय्यर पहले ही संघर्ष कर रहे थे और ऐसे में रोहित भी आउट हो गये। दस ओवर के बाद स्कोर दो विकेट पर 52 रन था। बीच में सात ओवर में केवल एक बार गेंद सीमा रेखा के पार गयी। अय्यर ने 12वें ओवर में शनाका की धीमी गेंद को मिड आफ पर छह रन के भेजा लेकिन वह पांडे के शाट पर नान स्ट्राइकर छोर पर दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से रन आउट हो गये।

पांडे के नाम पर तब तक 19 गेंदों पर 12 रन दर्ज थे लेकिन इसके बाद उन्होंने तेजी दिखायी। शनाका पर लगातार दो चौके जड़कर उन्होंने रन और गेंदों के बीच का अंतर कम किया, लेकिन इस श्रीलंकाई गेंदबाज ने फिर से शार्ट पिच गेंद की जो हार्दिक पंड्या (चार) के बल्ले को चूमकर विकेटकीपर के दस्तानों में पहुंच गयी।चमीरा ने अपने दूसरे स्पैल की पहली गेंद पर पांडे को बोल्ड करके श्रीलंका की उम्मीदों को फिर से जगा दिया, लेकिन इसके बाद धोनी और कार्तिक ने बिना किसी दबाव के रन बटोरे। कार्तिक ने प्रदीप की फुलटास को स्क्वायर लेग पर छक्के के लिये भेजा जबकि आखिरी ओवर में धोनी ने विजयी चौका लगाया। इससे पहले अपने घरेलू मैदान पर अंतरराष्ट्रीय मैचों में पहली बार कप्तानी कर रहे रोहित ने टास जीता और श्रीलंका को पहले बल्लेबाजी के लिये भेजा।

भारतीय गेंदबाजों ने कप्तान का फैसला सही साबित करते हुए चौथे ओवर में ही स्कोर तीन विकेट पर 18 रन कर दिया। उनादकट ने लगातार तीसरे मैच में निरोशन डिकवेला (एक) को सस्ते में समेटकर भारत को अच्छी शुरूआत दिलायी और इसके बाद खतरनाक उपुल थरंगा (11) को भी पवेलियन भेजा। इन दोनों ने खराब शाट खेलकर अपने विकेट गंवाये। इस बीच सुंदर ने पिछले मैच में धुआंधार अर्धशतक जड़ने वाले कुसल परेरा (चार) को अपनी ही गेंद पर कैच करके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना खाता खोला। यहां पर श्रीलंका को बड़ी साझेदारी की जरूरत थी लेकिन पंड्या ने सदीरा समरविक्रम (21) के तेवरों को रंग दिखाने से पहले ही मिटा दिया। गुणरत्ने को 11 रन पर जीवनदान मिला था।

उन्होंने और समरविक्रम ने चौथे विकेट के लिये 38 रन जोड़े जो श्रीलंकाई पारी की सबसे बड़ी साझेदारी भी रही। चोटिल एंजेलो मैथ्यूज जगह टीम में आये दनुष्का गुणतिलक (तीन) ने कुलदीप की गेंद पर स्लॉग स्वीप करके मिडविकेट पर कैच दिया। कप्तान तिसारा परेरा (11) ने आते ही मोहम्मद सिराज पर दो चौके लगाये लेकिन इसी गेंदबाज की धीमी गेंद पर मिडविकेट पर आसान कैच देकर पवेलियन लौटे।

श्रीलंका 16वें ओवर में तिहरे अंक में पहुंचा लेकिन इसके बाद उसने गुणरत्ने का विकेट गंवा दिया जिन्होंने पंड्या की गेंद पर पुल करने के प्रयास में मिडविकेट पर कैच दिया। गुणरत्ने ने 37 गेंद की अपनी पारी में तीन चौके लगाये। भारतीय गेंदबाजों में सिराज महंगे साबित हुए। उन्होंने चार ओवर में 45 रन देकर एक विकेट लिया। इस तेज गेंदबाज ने पारी के आखिरी ओवर में 20 रन लुटाये जिसमें शनाका का मिडविकेट पर लगाया गया 103 मीटर का छक्का भी शामिल है।

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