दिनाकरण ने अन्नाद्रमुक को दिया झटका, आर के नगर उपचुनाव जीता
By dsp bpl On 25 Dec, 2017 At 02:26 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

नयी दिल्ली। तमिलनाडु के सत्तारुढ़ दल अन्नाद्रमुक को प्रतिद्वंद्वी धडे़ के प्रत्याशी टी वी दिनाकरण से कड़ा झटका लगा है और उन्होंने जे जयललिता से भी अधिक के अंतर से आर के नगर विधानसभा चुनाव जीता जबकि भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस से दो सीटें झटक लीं एवं उत्तर प्रदेश में अपनी सीट कायम रखी। पश्चिम बंगाल की सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस से सबंग विधानसभा सीट हथिया ली और उसने निकटतम प्रतिद्वंद्वी 64,000 से भी अधिक वोटों के अंतर से हराया। उत्तर प्रदेश में भाजपा ने कानपुर देहात जिले में सिकंदरा विधानसभासीट अपने पास बनाए रखी।

जेल में बंद नेता वी के शशिकला के भतीजे 54 वर्षीय दिनाकरण ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अन्नाद्रमुक के ई मधुसूदनन को 40,707 वोटों से हराया। विभिन्न राज्यों में पांच विधानसभा सीटों पर 21 दिसंबर को चुनाव हुए थे। पिछले साल दिसंबर में जे जयललिता के निधन के बार आर के नगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की जरुरत पैदा हुई। तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता इस सीट से दो बार निर्वाचित हुई थीं। दिनाकरण ने वोटों के अंतर के संदर्भ में जयललिता को पीछे छोड़ दिया। जयललिता 2016 के विधानसभा चुनाव में 39,545 वोटों के अंतर से हारी थीं। इस उपचुनाव में दिनाकरण को 89,013 वोट मिले जबकि मधुसूदनन को 48,306 मत मिले। द्रमुक के एन मरुतु गणे 24,651 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

द्रमुक और भाजपा के प्रत्याशियों समेत 57 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गयी। दिनाकरण ने निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में उपचुनाव लड़ा था। चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम के धडे़ को अन्नाद्रमुक का चुनाव निशान आवंटित किया था। अरुणाचल प्रदेश में सत्तारुढ़ भाजपा ने उपचुनाव में कांग्रेस से पक्के-केस्सांग और लिकाबाली विधानसभा सीटें झटक लीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरप्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में भाजपा की जीत की प्रशंसा की और कहा कि पार्टी देश के गांवों की सेवा के लिए कटिबद्ध है।

उन्होंने पश्चिम बंगाल में उपचुनाव में पार्टी के प्रदर्शन में सुधार पर खुशी प्रकट की। भाजपा प्रमुख अमित शाह ने यह दावा करने के लिए विधानसभा उपचुनाव में पार्टी की जीत का हवाला दिया कि उसका सुशासन का एजेंडा विपक्ष की विकासविरोधी राजनीति पर विजयी रहा। अरूणाचल प्रदेश में भाजपा के बी आर वाघे ने 475 वोटों के अंतर से अपने एकमात्र प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के प्रत्याशी पूर्व उपमुख्यमंत्री कामेंग डोलो को हराकर पक्के-केस्सांग सीट जीती। लिकाबली में भाजपा के कार्दो न्यिग्योर ने बहुकोणीय मुकाबले में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पीपीए के गुमके रीबा को 305 वोटों के अंतर से हराया। गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने पक्के केस्सांग से डोलो के निर्वाचन को अमान्य करार दिया था जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव की जरुरत पैदा हुई।

राज्य के मंत्री जोमदे केना के चार सितंबर के गुजर जाने के बाद लिकाबली सीट खाली हुई। पश्चिम बंगाल में तृणमूल उम्मीदवार गीता रानी भूनिया ने सबंग सीट अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी माकपा की रीता मंडल को कराया। मानस भूइंसा के इस साल शुरु में तृणमूल में शामिल होने से यही सीट खाली हुई थी। वह अब राज्यसभा सदस्य हैं। कांग्रेस के लिए यह पराजय गहरा झटका है क्योंकि वह न केवल अपना एक गढ़ तृणमूल कांग्रेस के हाथों गंवा बैठी बल्कि उसके प्रत्याशी चौथे नंबर पर रहे।

उत्तर प्रदेश में भाजपा के अजीत सिंह पाल ने सिकंदरा विधानसभा सीट पर 73,284 वोट हासिल कर अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी की सीमा सचान को हराया। भाजपा विधायक मथुरा प्रसाद के 22 जुलाई को गुजर जाने से यह सीट खाली हुई थी।

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