चारा घोटाला : लालू, जगदीश शर्मा, राणा सहित 16 दोषी करार, जेल भेजे गये
By dsp bpl On 24 Dec, 2017 At 01:07 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

रांची। चारा घोटाले के एक मामले में यहां की एक विशेष सीबीआई अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद, पूर्व सांसदों आर के राणा और जगदीश शर्मा एवं कई आईएएस अधिकारियों सहित 16 आरोपियों को आज दोषी करार देते हुए जेल भेज दिया। अदालत तीन जनवरी को दोषियों के खिलाफ सजा सुनाएगी। वहीं इस मामले में अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व मंत्री विद्यासागर निषाद, बिहार विधानसभा की लोक लेखा समिति (पीएसी) के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत सहित छह लोगों को निर्दोष करार देते हुए मामले से बरी कर दिया।

अदालत के फैसले के बाद दोषी ठहराये गए सभी 16 लोगों को बिरसा मुंडा जेल भेज दिया गया।लालू प्रसाद यादव ने जेल जाने से पूर्व कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है और इस फैसले के खिलाफ वह उच्च न्यायालय जायेंगे जहां उन्हें अवश्य न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। नौ सौ पचास करोड़ रुपये के चारा घोटाले से संबंधित देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये के फर्जीवाड़े के मामले से जुड़े इस मुकदमे में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह ने शाम पौने चार बजे फैसला सुनाया।

उन्होंने सबसे पहले इस मामले में मिश्रा, निषाद, भगत, चौधरी, सरस्वती चंद्र एवं साधना सिंह को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने इसके बाद मामले के 22 आरोपियों में से शेष सभी 16 आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें हिरासत में लेकर बिरसामुंडा जेल भेजने का निर्देश दिया। सजा सुनाये जाते ही लालू, शर्मा, आईएएस अधिकारी बेक जूलियस सहित अनेक लोगों के चेहरे पर मायूसी छा गई। उनके अनेक रिश्तेदारों एवं मित्रों की आंखें भी डबडबा गयीं।

सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के इस मामले में लालू के अलावा सुशील कुमार सिन्हा, सुनील कुमार सिन्हा, राजाराम जोशी, गोपीनाथ दास, संजय अग्रवाल, ज्योति कुमार, सुनील गांधी, तीन पूर्व आइएएस अधिकारियों फूलचंद सिंह, जूलियस और महेश प्रसाद, पूर्व सांसदों राणा और शर्मा एवं चारा आपूर्तिकर्ता कृष्ण कुमार एवं त्रिपुरारी मोहन को दोषी करार दिया। इससे पूर्व फैसला सुनने लगभग ग्यारह बजे लालू , मिश्रा एवं अन्य सीबीआई की विशेष अदालत पहुंचे जहां उपस्थिति दर्ज करने के बाद अदालत ने उन्हें फैसला सुनने के लिए दोबारा दोपहर बाद तीन बजे पेश होने के निर्देश दिया। इससे पहले चाईबासा कोषागार से 37 करोड़, सत्तर लाख रुपये की अवैध निकासी के चारा घोटाले के एक अन्य मामले में लालू, शर्मा, राणा, मिश्रा समेत आज के मामले के कई आरोपी दोषी ठहराये जा चुके हैं।

हालांकि उच्च न्यायालय से उनको जमानत मिल गई थी। अदालत पहुंचे राजद सुप्रीमो ने मीडिया से कहा कि वह निर्दोष हैं और उन्हें न्यायपालिका से न्याय मिलने की आशा है। उन्होंने कहा कि भाजपा एवं अन्य ने उन्हें राजनीतिक विद्वेष की भावना से इस मामले में फंसाया है। उन्होंने कहा कि वह भाजपा से लड़ेंगे और उसकी नकारात्मक राजनीति का जवाब देंगे। उन्होंने ने कहा कि वह किसी से डरते नहीं हैं और राजद का प्रत्येक कार्यकर्ता लालू है लिहाजा उनके जेल जाने या न जाने से पार्टी के अस्तित्व पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह मामला वर्ष 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से अवैध तरीके से रुपये की निकासी से संबंधित है।

सीबीआई ने 27 अक्तूबर, 1997 को मुकदमा संख्या आरसी, 64 ए, 1996 दर्ज किया था और लगभग 21 वर्षों बाद इस मामले में आज फैसला सुनाया गया। इस मामले में कुल 38 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें से 11 की मौत हो चुकी है, वहीं तीन सीबीआई के गवाह बन गये जबकि दो ने अपना गुनाह कुबूल कर लिया था जिसके बाद उन्हें 2006-07 में ही सजा सुना दी गयी थी। इसके बाद 22 आरोपी बच गए थे, जिनको लेकर आज फैसला सुनाया गया।

शिवपाल सिंह की अदालत ने इस मामले में सभी पक्षों के गवाहों के बयान दर्ज करने और बहस के बाद अपना फैसला 13 दिसंबर को सुरक्षित रख लिया था। इस मामले की सुनवाई के लिए लालू अपने छोटे बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ कल शाम चार बजे रांची पहुंचे थे। लालू के अधिवक्ता चितरंजन प्रसाद ने बताया कि इस मामले में लालू को अधिकतम सात वर्ष की एवं न्यूनतम एक वर्ष की कैद की सजा हो सकती है।

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