मोदी की आलोचना पर सरकार ने मनमोहन को लिया आड़े हाथ
By dsp bpl On 12 Dec, 2017 At 02:58 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गुजरात के चुनाव में ‘‘पाकिस्तान के साथ मिलकर साजिश’’ की टिप्पणी पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि वह ‘‘आपत्तिजनक उदाहरण’’ स्थापित कर रहे हैं तथा उन्हें राष्ट्र से माफी मांगनी चाहिए। इस पर सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री को आड़े हाथ लिया। प्रधानमंत्री से माफी मांगने की सिंह की बात को खारिज करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सिंह पर राष्ट्रीय रेखा की अवहेलना का आरोप लगाया और पिछले सप्ताह यहां पाकिस्तान के एक मेहमान के लिए कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर द्वारा उनके घर में रात्रिभोज दिये जाने के संदर्भ, प्रासंगिकता और जरूरत के बारे में पूछा।

मौजूदा प्रधानमंत्री मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीच इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बाद जेटली का यह बयान आया। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक बयान में कहा कि गुजरात में ‘‘हार को सामने देख बौखलाहट में असत्य एवं अफवाहों का सहारा ले रहे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आचरण व शब्दों से मुझे अत्यंत पीड़ा एवं क्षोभ है।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हताशा में अपशब्दों का सहारा लेकर और ‘‘हर झूठे तिनके को पकड़कर अपनी चुनावी नैया को पार कराने का विफल प्रयास कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह खेदजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि मोदीजी पूर्व प्रधानमंत्री और सेना अध्यक्ष सहित सभी संस्थागत पदों को बदनाम करने की कोशिश में एक आपत्तिजनक उदाहरण स्थापित कर रहे हैं।’’ प्रधानमंत्री मोदी ने कल गुजरात में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि पाकिस्तान राज्य के विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।

उन्होंने दावा किया कि कुछ पाकिस्तानी अधिकारी एवं मनमोहन की कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के घर छह दिसंबर को बैठक हुई। इसके एक दिन बाद ही अय्यर ने मोदी को अपनी एक टिप्पणी में ‘नीच आदमी’ कहा था।इस बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए और प्रधानमंत्री मोदी के दावों को खारिज करते हुए मनमोहन ने कहा, ‘‘..श्री मणिशंकर अय्यर द्वारा दिये गये रात्रिभोज पर मैंने गुजरात चुनाव के बारे में न तो किसी व्यक्ति से चर्चा की और न ही गुजरात का मुद्दा किसी तरह से चर्चा में आया। चर्चा केवल भारत पाक संबंधों तक सीमित रही।’’

मोदी ने जिस बैठक का उल्लेख किया है दरअसल वह अय्यर द्वारा भारत आये पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री महमूद कसूरी के सम्मान में दिया गया रात्रि भोज था। बैठक को ‘राजनीतिक विपदा’ करार देते हुए जेटली ने सिंह और कांग्रेस पार्टी से रात्रिभोज में शामिल होने की जरूरत बताने को कहा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नीति यह है कि आतंकवाद और बातचीत साथ में नहीं चल सकते। जेटली ने कहा कि अगर कोई राष्ट्रीय रेखा को पार करता है तो उसे जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए। जेटली के संवाददाता सम्मेलन से कुछ घंटे पहले सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से देश से माफी मांगने को कहा था। इस पर जेटली ने कहा कि बातचीत और आतंकवाद साथ में नहीं चलने की राष्ट्रीय नीति का उल्लंघन करने वालों को माफी मांगनी चाहिए।

मनमोहन ने कहा कि उनके एवं पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी के अलावा अय्यर द्वारा कसूरी के सम्मान में दिये गये रात्रिभोज में पाकिस्तान के उच्चायुक्त, नटवर सिंह, के एस वाजपेयी, अजय शुक्ला, शरद सब्बरवाल, जनरल दीपक कपूर, टीसीए राघवन, सतीन्द्र के लाम्बा, एम के भद्रकुमार, सी आर गरेखान, प्रेमशंकर झा, सलमान हैदर एवं राहुल सिंह मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘‘इनमें से किसी पर भी देशद्रोह का इल्जाम लगाना सरासर झूठ एवं अधर्म होगा।’’ पूर्व राजनयिक लाम्बा एवं पूर्व राजनयिक गरेखान ने कहा कि उस रात्रिभोज में भारत पाक संबंधों पर आम चर्चा हुई थी।

गरेखान ने एक समाचार चैनल से कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की राजनीति पर चर्चा नहीं हुई। पूर्व सेना प्रमुख जनरल कपूर के हवाले से भी कहा गया कि इस रात्रि भोज में गुजरात चुनाव पर बिल्कुल चर्चा नहीं हुई। मनमोहन ने कहा, ‘‘न तो कांग्रेस पार्टी और न ही मुझे राष्ट्रभक्ति पर ऐसे प्रधानमंत्री या एक ऐसी पार्टी से उपदेश चाहिए, जिनका उग्रवाद से लड़ने का रिकार्ड ढुलमुल रहा है। मैं श्री नरेन्द्र मोदी को याद दिलाना चाहता हूं कि वे उधमपुर एवं गुरदासपुर के आतंकवादी हमलों के बावजूद बिन बुलाये पाकिस्तान गये।’’

उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया, ‘‘क्या वे देश को बताएंगे कि किन कारणों से उन्होंने पाकिस्तान में रचे गये पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तान की बदनाम आईएसआई को सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण पठानकोट एयरबेस पर जांच के लिए आमंत्रित किया था।’’ इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने भी प्रधानमंत्री पर ऐसे बयान देकर राजनीतिक विमर्श को ‘‘अस्वीकार्य निम्न’’ स्तर तक लाने का आरोप लगाया जिससे उनके पद की गरिमा को ठेस पहुंचती है। शर्मा ने प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग की।

पूर्व गृह मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने भी इसी मुद्दे पर ट्वीट कर कहा, ‘‘पिछले कुछ दिनों में विशेषकर कल गुजरात में भाजपा का अभियान अजीबो-गरीब स्थिति से परे निकल गया। क्या कोई राजनीतिक पार्टी चुनाव जीतने के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है?

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