आपस में बिजली का व्यापार दक्षिण एशियाई देशों के लिए फायदेमंद: ADB
By dsp bpl On 10 Dec, 2017 At 01:11 PM | Categorized As व्यापार | With 0 Comments

नयी दिल्ली। दक्षिण एशिया उपक्षेत्रीय आर्थिक सहयोग (सासेक) के तहत आने वाले भारत, नेपाल और भूटान जैसे देशों को आपस में बिजली का व्यापार बढ़ाना चाहिए। एशियाई विकास बैंक का कहना है कि इससे भारत के सामने कोयला आधारित बिजली के उत्पादन को हटाकर इन देशों से पनबिजली के तौर पर स्वच्छ ऊर्जा को अपनाने का एक अच्छा अवसर मौजूद है।

एशियाई विकास बैंक के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय विभाग के लिए ऊर्जा खंड के निदेशक प्रियांता विजयातुंगा ने अपने ब्लॉग में कहा एक देश (भारत) के बिजली ग्रिड में अप्रत्याशित कमी को पड़ोसी देशों के ग्रिड से आयात करके पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सासेक देशों के बीच आपस में जुड़ा एक ग्रिड बनाने से सभी देशों की बिजली प्रणालियां एकीकृत हो जाएंगी और वह पर्याप्त मात्रा में आपस में सीमा पार बिजली पारेषण की करने की क्षमता से परिपूर्ण होंगी।

विजयातुंगा ने कहा कि इस व्यवस्था से नेपाल और श्रीलंका जैसे छोटे देश अपनी संरक्षित बिजली उत्पादन क्षमता के लिए एक बड़े बाजार पर भरोसा कर सकेंगे। इससे उनकी निवेश लागत कम होगी और बांग्लादेश और भारत जैसे देशों में जीवाश्म आधारित बिजली का स्थान नेपाल और भूटान जैसे देशों में उत्पादित होने वाली स्वच्छ पनबिजली ऊर्जा ले सकेगी।

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