HC ने नेत्रहीन राहत संघ के समीप अवैध पार्किंग को लेकर रिपोर्ट मांगी
By dsp bpl On 9 Dec, 2017 At 01:31 PM | Categorized As व्यापार | With 0 Comments

नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एनडीएमसी और पुलिस को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि ओबरॉय होटल के समीप नेत्रहीन राहत संघ के बाहर सड़कों पर कोई व्यावसायिक गतिविधि ना हो। ऐसा आरोप लगाया गया था कि वहां अवैध पार्किंग से दृष्टिबाधित लोगों को काफी दिक्कतें हो रही हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ ने दिल्ली सरकार, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) और इलाके की यातायात पुलिस को भी नोटिस जारी किए और उनसे अगले वर्ष 24 जनवरी को इस मामले की अगली सुनवाई से पहले स्थिति रिपोर्ट देने के लिए कहा।

अदालत ने वरिष्ठ वकील दुष्यंत दवे द्वारा लिखे एक पत्र पर यह निर्देश दिया जिसमें लाल बहादुर शास्त्री मार्ग पर स्थित नेत्रहीन राहत संघ के बाहर अवैध पार्किंग और व्यावसायिक गतिविधियां रोकने में अदालत के हस्तक्षेप की मांग की गई। इस पत्र को जनहित याचिका में तब्दील करते हुए पीठ ने कहा कि दृष्टिबाधित लोगों के सुगम आवागमन के लिए इलाके को व्यवस्थित किए जाने की जरूरत है।

पीठ ने एनडीएमसी और पुलिस से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि वहां सड़कों पर कोई भी व्यावसायिक गतिविधि ना चलाई जाए। दवे ने अपने पत्र में कहा था कि यातायात और तेजी से दौड़ती गाड़ियों के कारण सड़क के दोनों ओर बस स्टॉप तक जाने में दिव्यांग लोगों को मुश्किल होती है। उन्होंने अपने पत्र में शिकायत की कि इलाके के फुटपाथ पर अवैध रूप से वाहन खड़े कर दिए जाते हैं।

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