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शिक्षा संस्थानों में लैंगिक असंतुलन चिंता का विषय: राष्ट्रपति

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विशाखापत्तन। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों में लैंगिक असंतुलन चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति शिक्षा क्षेत्र में लड़कियों को दी जाने वाली पहुंच एवं अवसरों में निहित है। राष्ट्रपति यहां आंध्र यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फोर वीमेन में एक ई-कक्षा इमारत और एक इन्क्यूबेशन सेंटर की आधारशिला रखने के बाद छात्राओं एवं शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे वैज्ञानिक एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों में व्यापक लैंगिक असंतुलन चिंता का विषय बना हुआ है।’’ कोविंद ने कहा, ‘‘भारत की प्रगति की सही परीक्षा उस पहुंच एवं अवसरों में निहित है जो हम शिक्षा क्षेत्र में अपनी बेटियों को देते हैं।’’ उन्होंने भरोसा जताया कि इस सेंटर से उच्च योग्यता वाली महिला अभियंता एवं प्रौद्योगिकीविद् तैयार करने की देश की क्षमता बढ़ेगी। राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं यह देखकर खुश हूं कि आंध्र विश्वविद्यालय में 40 प्रतिशत छात्र महिलाएं हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मिसाइल कार्यक्रमों एवं रॉकेट प्रक्षेपणों को सफल बनाने वाले हमारे शीर्ष रक्षा एवं अंतरिक्ष वैज्ञानिकों में महिलाएं शामिल हैं। पिछले हफ्ते मुझे आगरा विश्वविद्यालय में टेसी थॉमस को सम्मानित करने का सौभाग्य मिला जिन्हें भारत की मिसाइल वुमन के तौर पर जाना जाता है।’’

समारोह में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ई एस एल नरसिंहन, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, केंद्रीय विमानन मंत्री पी अशोक गजपति राजू, उप मुख्यमंत्री एन चीना रजप्पा आदि मौजूद थे।

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