अदालत ने गिरफ्तारी के खिलाफ मोइन कुरैशी की याचिका की खारिज
By dsp bpl On 1 Dec, 2017 At 02:50 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने धनशोधन के एक मामले में विवादास्पद कारोबारी मोइन अख्तर कुरैशी की गिरफ्तारी के खिलाफ दायर उसकी याचिका खारिज कर दी। न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति पी एस तेजी की पीठ ने प्रवर्तन निदेशालय के इस तर्क पर सहमति जताई कि उसकी गिरफ्तारी ‘‘गैर कानूनी नहीं’’ है और बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका ऐसी याचिका होती है जो यह सुनिश्चित करने के लिए दायर की जाती है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को अदालत के समक्ष पेश किया जाए जिसके बाद अदालत यह फैसला करेगी कि गिरफ्तारी कानूनी है या नहीं। केंद्र और ईडी ने इस याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि उसकी गिरफ्तारी पर सवाल उठाना कानूनी प्रक्रिया का ‘‘दुरुपयोग’’ है। उन्होंने दावा किया कि उसके खिलाफ हवाला लेनदेन के गंभीर आरोप हैं।

सरकार ने कुरैशी के इन आरोपों को भी खारिज किया था कि उसे ईडी ने धनशोधन मामले में अनधिकृत तरीके से हिरासत में रखा। उसने कहा कि उसे धनशोधन रोकथाम कानून के वैधानिक प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया और एक सक्षम निचली अदालत ने ईडी की हिरासत में भेजा था।

कुरैशी को 25 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और उसके एवं अन्य के खिलाफ मामले में अच्छी तरह जांच के लिए अगले दिन निचली अदातल ने उसे ईडी की हिरासत में भेज दिया गया था। वह इस समय न्यायिक हिरासत में है।

Leave a comment

XHTML: You can use these tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>