‘भगवद् गीता’ आंतरिक द्वंद्वों का समाधान देती है: राष्ट्रपति
By dsp bpl On 26 Nov, 2017 At 01:58 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

कुरूक्षेत्र (हरियाणा)। राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा कि ‘भगवद् गीता’ किसी व्यक्ति के सामने पेश आने वाले ‘द्वंद्व’ का समाधान देती है और उन्होंने लोगों से इस डिजिटल युग में बुराइयों से मुक्त रहने के लिए उसके संदेश का पालन करने को कहा। उन्होंने यहां ‘अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव’ का उद्घाटन करते हुए कहा, ‘‘क्या सही है और क्या गलत है, हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, यह अंतर्द्वंद्व सभी को परेशान करता है।’’

कोविंद ने कहा, ‘‘गीता व्यक्ति के इस ‘द्वंद्व’ का समाधान देती है कि क्या सही है और क्या गलत है। मेरा मानना है कि जो भी गीता के संदेश का पालन करेगा वह ‘द्वंद्व’ से मुक्त रहेगा, शांत रहेगा तथा जीवन में सफल होगा।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि इस डिजिटल युग में युवा भौतिकवाद और प्रतिद्वंद्विता के बीच फंसे हुए हैं, जिससे उनमें तनाव और असुरक्षा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि गीता असुरक्षा, तनाव और भ्रम के भंवर में फंसे युवाओं को उससे बाहर लाने के लिए आध्यात्मिक रास्ता उपलब्ध कराती है।

कोविंद ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, अंतरिक्ष में जाने वाली कल्पना चावला, मिस वर्ल्ड 2017 मानुषी छिल्लर जैसी ‘‘हरियाणा की बेटियों’’ का उदाहरण दिया जिन्होंने दुनियाभर में राज्य और देश का परचम लहराया। उन्होंने कहा कि यह इसलिए संभव हुआ क्योंकि उन्होंने गीता के संदेश का पालन किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि हरियाणा की बेटियां अपने जीवन में आगे बढ़ी और इस ‘द्वंद्व’ से बाहर आई क्योंकि उन्होंने अपने जीवन में गीता के संदेश का अनुपालन किया। हमारी बेटियों ने दुनिया के सामने हरियाणा की समृद्ध विरासत और सांस्कृतिक मूल्य पेश किए। हमें हरियाणा की बेटियों पर गर्व है।

हरियाणा की बेटियों की सफलता गीता के कर्मयोग का ज्वलंत उदाहरण है।’’ कोविंद ने कहा, ‘‘सभी लोगों को अपने घरों के साथ-साथ अपने मन में भी हर दिन गीता महोत्सव मनाना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव हरियाणा और देश के लिए नैतिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नवजागरणकाल का जश्न है।’’ राष्ट्रपति ने ‘गीता जयंती’ को अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम बनाने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके मंत्रिमंडल को बधाई दी।

कोविंद ने कहा कि वह खुद ‘श्री कृष्ण’ की भूमि से ताल्लुक रखते हैं और इसलिए जब मुख्यमंत्री ने उन्हें आमंत्रित किया तो उन्होंने महोत्सव में भाग लेने के लिए तुरंत हामी भर दी। महिला सशक्तीकरण में हरियाणा की पहलों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि इस दिशा में सबसे बड़ा कदम ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम को सफलतापूर्वक लागू करना है। कोविंद ने कहा कि हरियाणा में वर्ष 2011 में 1,000 लड़कों के मुकाबले 830 लड़कियों का अनुपात था और अब सरकार तथा लोगों के सहयोग एवं प्रयासों से लड़कियों की संख्या 937 पर पहुंच गई है।

Leave a comment

XHTML: You can use these tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>