मोटरसाइकिल , स्कूटर से ही बढ़ेगी भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की रफ्तार
By dsp bpl On 19 Nov, 2017 At 02:25 PM | Categorized As व्यापार | With 0 Comments

नयी दिल्ली। सरकार द्वारा वैकल्पिक ऊर्जा या स्वच्छ ईंधन वाले वाहनों पर जोर दिए जाने के उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार के विस्तार में दोपहिया वाहनों की बड़ी भूमिका होगी। उनकी राय में भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के मामले में लोग सबसे पहले दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएंगे क्योंकि यह दोपहिया वाहनों का दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। उसके बाद ही ऐसे दूसरी तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों की बारी आने की संभावना है।

कंपनियों को उम्मीद है कि अगले साल से इस खंड में कई नये ब्रांड व वाहन आएंगे। वाहन उद्योग के संगठन वर्ल्ड ऑटो फोरम के संस्थापक अनुज गुगलानी का अनुमान है, ‘देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिहाज दोपहिया खंड सबसे आगे रह सकता है।’ उन्होंने से कहा, ‘कम लागत, सरलता व उपलब्धता के चलते बाजार इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को तेजी से अपना सकता है।’ गुगलानी कहा कि दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन काफी समय से विभिन्न देशों में इस्तेमाल में हैं और उन्हें काफी तेजी से अपनाया गया है जिसका बड़ा उदाहरण चीन है।

टवेंटी टु मोटर्स के मुख्य परिचालन अधिकारी विजय चंद्रावत के अनुसार आने वाले वर्षों में मुख्य रूप से दोपहिया व तिपहिया वाहन इलेक्ट्रिक होंगे। इसकी वजह बताते हुए उन्होंने कहा, ‘दोपहिया वाहन खंड इलेक्ट्रिक लहर के लिए परिपक्व हो चुका है और यह उपयोक्ताओं को पेट्रोलियम ईंधन पर चलने वाले वाहनों की तुलना में आर्थिक रूप से फायदेमंद भी है।’ नवगठित इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माता सोसायटी (एसएमईवी) के निदेशक सोहिंदर गिल को भी विश्वास है कि देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन पहले व जल्द चलन में आएंगे।

उन्होंने से कहा, ‘यह तो साबित है कि इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन कहीं अधिक सस्ते हैं। उनकी रखरखाव लागत कहीं कम है तो उपयोग भी कहीं अधिक आसान।’ ‘टवेंटी टु मोटर्स’ ने हाल ही में एक इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन का प्रोटोटाइप पेश किया है जिसे वह अगले साल बाजार में उतारेगी। चंद्रावत को उम्मीद है कि 2018 में इस खंड में 5-6 नये बांड आएंगे और उसके बाद यह संख्या तेजी से बढ़ेगी। वहीं अनुज गुगलानी के अनुसार इस खंड में नये वाहनों की पेशकश लोगों द्वारा उन्हें अपनाए जाने की गति, चार्जिंग सुविधा जैसे बुनियादी ढांचे आदि कारकों पर निर्भर करेगा। शोध फर्म अर्नेस्ट एंड यंग का मानना है कि भारत में सबसे पहले दोपहिया व तिपहिया वाहन खंड इलेक्ट्रिक प्रौद्योगिकी को अपनाएगा।

फर्म ने एक रपट में कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दोपहिया वाहन बाजार है इसलिए यहां इस खंड में विद्युतीकरण की अधिक संभावना है। यानी बिजली से चलने वाले बाइक स्कूटर पहले आने की उम्मीद है और उसके बाद तिपहिया व चौपहिया सहित अन्य वाहनों की राह निकलेगी। उल्लेखनीय है कि सरकार हाइब्रिड व इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘फेम योजना’ चल रही है इसके तहत कारों के लिए 1.38 लाख रुपये व बाइक पर 29,000 रुपये तक का वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है।

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