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कश्मीर में शांति बहाली की सरकार की कोई नीति नहीं: कांग्रेस

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नयी दिल्ली। केन्द्र सरकार के पास कश्मीर में शांति बहाली को लेकर कोई नीति एवं नीयत नहीं होने का दावा करते हुए कांग्रेस ने कहा कि कश्मीर से जुड़े विभिन्न पक्षों से बातचीत के लिए नियुक्त वार्ताकार किससे बात करेंगे और वार्ता की परिधि क्या होगी, इस बारे में सरकार ने कुछ भी नहीं बताया है। पार्टी ने आशंका जतायी कि कही यह वार्ता महज ‘‘फोटो खिंचवाने का’’ अवसर बनकर न रह जाये। केन्द्र ने कश्मीर मुद्दे पर विभिन्न पक्षों के साथ बातचीत के लिए दिनेश्वर शर्मा को वार्ताकार नियुक्त किया है।कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इस वार्ता के संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने और शांति की बहाली के लिए कोई भी प्रयास स्वागत योग्य है। परंतु दुर्भाग्य से केन्द्र की भाजपा सरकार और जम्मू-कश्मीर की पीडीपी-भाजपा की सत्ता लोलुप गठबंधन सरकार की ना तो जम्मू-कश्मीर में शांति बहाली को लेकर नीति है, ना नीयत है, ना दृष्टि है, और ना रास्ता है।’’

उन्होंने कहा,‘‘ कभी आप विदेश सचिव स्तरीय वार्ता शुरू कर देते हैं। कभी आप उसे एकाएक खारिज कर देते हैं। कभी आप तीसरे देश में जाकर गुप्त वार्ता शुरू कर देते हैं। कभी आप निजी उद्योगपतियों के माध्यम से एक नई वार्ता शुरू कर देते हैं। कभी आप आईएसआई जैसी उग्रवादी समर्थक दुर्दांत संस्था को पठानकोट एयरबेस में जांच के लिए बुला लेते हैं। कभी आप एनएसए वार्ता शुरू कर देते हैं, कभी बंद कर देते हैं। उसका कारण और नतीजा जो है वो जम्मू-कश्मीर की जनता भुगत रही है।’’सुरजेवाला ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नीत सरकार के सत्ता में आने के बाद से शहीद सैनिकों की संख्या में छह गुना का इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा,‘‘ शर्मा जी ,जो एक वार्ताकार के तौर पर गए हैं, उनको क्या आदेश देकर भेजा गया है, सरकार ने नहीं बताया।

वह कौन से पक्षों से बात करेंगे, ये भी सरकार ने नहीं बताया। उनकी वार्तालाप की परिधि क्या है, ये भी सरकार ने नहीं बताया। उनकी दृष्टि, रास्ता और सीमा क्या है? ये (वार्ता) लगता है कि फोटो खिंचवाने का अवसर बनकर रह जाने वाली है। क्योंकि यह सरकार ही ‘फोटो-अप’ सरकार है।’’ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की अरुणाचल प्रदेश यात्रा पर चीन द्वारा जतायी गयी आपत्ति के बारे में प्रतिक्रिया पूछे जाने पर सुरजेवाला ने कहा, ‘‘अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है, था और सदैव रहेगा। अगर हमारी रक्षा मंत्री जाएं तो किसी विदेशी ताकत को हमारी रक्षा मंत्री के दौरे पर ऐतराज करने का कोई अधिकार नहीं।’’ साथ ही उन्होंने कहा कि चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र पर बनायी जा रही सुरंग एक चिंताजनक बात है क्योंकि हमारे सात पूर्वोत्तर राज्यों की आजीविका इसपर निर्भर है।‘‘ इस पर कोई कदम मोदी सरकार उठाएगी, ये देश को अपेक्षा है।’’

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