डायरेक्ट सेलिंग उद्योग ने शुरू किया आधार-आधारित केवाईसी
By dsp bpl On 5 Nov, 2017 At 01:44 PM | Categorized As व्यापार | With 0 Comments

मुंबई। भारत में तेजी से आगे बढ़ रहे डायरेक्ट सेलिंग उद्योग ने बेहतर नियंत्रण और अनुपालन के लिए आधार-आधारित ‘अपने ग्राहक को जानो’ (केवाईसी) संबंधी नियमों के अनुपालन की प्रक्रिया शुरू की है। नियामकों के कड़े मानदंडों को पूरा करने के लिए बैंकिंग, बीमा, दूरसंचार और विनिमय उद्योग जैसे नियमित क्षेत्र से सबसे पहले आधार-आधारित ई-केवाईसी शुरू की थी। फिक्की-केपीएमजी की रपट के मुताबिक, डायरेक्ट सेलिंग उद्योग भारी रोजगार सृजित करने वाला उद्योग है।

वर्तमान में भारत में 50 लाख लोगों के इस क्षेत्र से जुड़े होने का अनुमान है। 2025 में ये संख्या बढ़कर 1.8 करोड़ पहुंचने की उम्मीद है। पिछले साल कारपोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा मॉडल डायरेक्ट सेलिंग दिशानिर्देश जारी करने के बाद डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों ने अपनी सभी आंतरिक राजस्व सेवा (आईआरएस) के लिए केवाईसी नियमों को लागू कराना शुरू किया है।

क्यूनेट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ट्रेवर कुना ने कहा, “आधार आधारित केवाईसी पहचान सत्यापन के लिए एक आसान और विश्वसनीय तरीका है। हमने हमारे साथ जुड़े सभी प्रतिनिधियों के लिए आधार-आधारित सत्यापन शुरू किया है।” डायरेक्ट सेलिंग उद्योग, वे उद्योग होते हैं जिनमें उत्पाद की बिक्री के लिए डीलरों या खुदरा विक्रेताओं की जरुरत नहीं होती। इसमें कंपनी और उपभोक्ता के बीच क्रय विक्रय का सीधा संबंध होता है।

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