गुजरात चुनाव : बीजेपी नेता यशवंत सिन्‍हा ‘कांग्रेस’ के निमंत्रण पर जाएंगे गुजरात
By dsp bpl On 4 Nov, 2017 At 03:16 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

राजकोट: नोटबंदी और जीएसटी जैसे मसलों पर अपने लेख के जरिये केंद्र सरकार का मुखर विरोध करने और अर्थव्‍यवस्‍था की तस्‍वीर पर सरकार से अलग अपनी बेबाक रखने वाले बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता यशवंत सिन्‍हा कांग्रेस पार्टी समर्थित एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) के निमंत्रण पर 14 नवंबर से गुजरात के तीन दिन के दौरे पर रहेंगे. गुजरात में अगले महीने 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव होना है.

कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री सिन्हा व्यापारी समुदाय के साथ चर्चा करेंगे और अहमदाबाद, राजकोट और सूरत में व्याख्यान देंगे. कार्यक्रम कांग्रेस समर्थित एनजीओ लोकशाही बचाओ आंदोलन द्वारा आयोजित किये जाने हैं. उम्मीद है कि सिन्हा अपने व्याख्यानों के दौरान दो कदमों नोटबंदी और जीएसटी पर बोलेंगे जिसे वर्तमान सरकार प्रमुख आर्थिक उपलब्धियां बता रही है. पूर्व वित्त मंत्री सिन्हा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने हाल में राजकोट के व्यापारियों के साथ जीएसटी और ‘अर्थव्यवस्था की स्थिति’ पर चर्चा की थी.

182 सदस्यीय गुजरात विधानसभा के लिए चुनाव दो चरणों में नौ और 14 दिसंबर को होगा. मतों की गिनती 18 दिसंबर को होगी. सिन्हा ने हाल में एक समाचार पत्र में लिखे एक लेख के जरिये केंद्र एवं केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की विशेष रूप से अर्थव्यवस्था को संभालने को लेकर आलोचना की थी.

उल्‍लेखनीय है कि पूर्व वित्‍त मंत्री और बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता यशवंत सिन्‍हा ने अर्थव्‍यवस्‍था की सुस्‍त रफ्तार पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है. उन्‍होंने इसके लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्‍मेदार ठहराया है. कुछ दिन पहले इंडियन एक्‍सप्रेस में प्रकाशित अपने लेख में उन्‍होंने यह भी कहा कि बीजेपी में कई लोग यह जानते हैं कि अर्थव्‍यवस्‍था की रफ्तार धीमी हो रही है लेकिन डर के मारे वह बोल नहीं पा रहे हैं. ‘I need to speak up now’ शीर्षक से प्रकाशित अपने लेख में सख्‍त लहजे में अर्थव्‍यवस्‍था में गिरावट के लिए नोटबंदी और जीएसटी के निर्णयों को जिम्‍मेदार ठहराया. यशवंत सिन्‍हा ने लिखा कि नोटबंदी के चलते अर्थव्‍यवस्‍था पर बेहद विपरीत असर पड़ा है और वस्‍तु एवं सेवा कर (GST) का क्रियान्‍वयन खराब तरीके से किया गया.

उन्‍होंने जीडीपी के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए. पिछले दिनों बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने जीडीपी में गिरावट के लिए ‘तकनीकी’ कारणों को जिम्‍मेदार ठहराया था. इस पर भी उन्‍होंने निशाना साधा. इसके साथ ही कहा कि बीजेपी ने आर्थिक वृद्धि की गणना के तरीकों को बदल दिया है वर्ना जीडीपी के ताजा आंकड़े पहले की तुलना में कहीं कम होते.

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