असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए बोर्ड गठित करेगी उत्तर प्रदेश सरकार : मौर्य
By dsp bpl On 30 Oct, 2017 At 01:11 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार जल्द ही असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए बोर्ड गठित करने जा रही है। इससे असंगठित क्षेत्र के मजदूर संगठनों को भी मान्यता देकर आगे बढ़ाने का काम सुनिश्चित होगा। मौर्य ने यहां आयोजित राज्य स्तरीय मजदूर विकास महासम्मेलन में कहा, ‘‘हमने प्रदेश में हर एक-दो महीने में लेबर चौराहों पर शिविर लगाकर श्रमिकों का पंजीयन करने का अधिकारियों को निर्देश दिया है जिससे कि मजदूरों को पंजीयन के लिए श्रम विभागों का चक्कर न लगाना पड़े। मैंने लखनऊ के दो लेबर चौराहों से इसकी शुरूआत कर दी है।’’

मंत्री ने कहा, ‘‘आगामी 9 दिसंबर को इलाहाबाद में मजदूरों की बेटियों का सामूहिक विवाह का कार्यक्रम होने जा रहा है जिसके लिए मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को आमंत्रित करूंगा। इसमें कम से कम 250 जोड़ों का विवाह संपन्न कराने का प्रयास किया जाएगा और 55,000 रुपये सीधे बेटियों के खाते में डालकर इसका प्रमाणपत्र उन्हें वितरित किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि पहले चरण में मंडल स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा और बाद में चलकर जिला स्तर पर इसे आयोजित किया जाएगा।

मौर्य ने श्रम विभाग की तमाम कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए श्रमिकों से अपना पंजीयन श्रम विभाग में कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा मजदूर की बेटी के विवाह के लिए 55,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसी तरह शिशु हित लाभ योजना के तहत मजदूर को बेटी पैदा होने पर 15,000 रुपये और बेटा पैदा होने पर 12,000 रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। लेकिन ये सभी लाभ तभी मिलेंगे जब मजदूर श्रम विभाग में पंजीकृत होगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानपरिषद के उपनेता डॉ. यज्ञदत्त शर्मा ने की। सम्मेलन में फाफामऊ से विधायक विक्रमाजीत मौर्य, इलाहाबाद शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी, मंझनपुर, कौशांबी के विधायक लाल बहादुर सिंह एवं मजदूर यूनियनों के नेता एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।

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