आय से अधिक संपत्ति मामले में NTPC के पूर्व CVO पर मामला दर्ज
By dsp bpl On 12 Oct, 2017 At 01:58 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

नयी दिल्ली। सीबीआई ने भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के एक वरिष्ठ अधिकारी और उनकी पत्नी पर कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति जुटाने का मामला दर्ज किया है। उन्होंने दस करोड़ से अधिक की संपत्ति जुटाई, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोत से 240 फीसदी ज्यादा है। एजेंसी ने कई ठिकानों पर छापेमारी भी की। जांच एजेंसी ने 1986 बैच के उत्तरप्रदेश कैडर के आईएफओएस अधिकारी एम राम प्रसाद राव, उनकी पत्नी एम. कनक दुर्गा और उनकी कंपनियां बाला कनक दुर्गा प्रॉपर्टीज, सत्या एवेन्युज प्राईवेट लिमिटेड और कृष्णा इंटरप्राईजेज, द्वारका दिल्ली पर भ्रष्टाचार के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है।

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि एजेंसी की टीम ने कई स्थानों पर छापेमारी भी की जिनमें आंध्रप्रदेश में अधिकारी के आवासीय परिसर शामिल हैं, जिस दौरान अनियमितता के कई दस्तावेज बरामद किए गए। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोप लगाए कि जब वह केंद्र की प्रतिनियुक्ति पर थे और राष्ट्रीय ताप ऊर्जा निगम (एनटीपीसी) में फरवरी 2013 से जुलाई 2016 के बीच मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) के तौर पर सेवा दे रहे थे, उस दौरान उनकी अर्जित संपत्ति को उसने कवर किया है।एजेंसी ने आरोप लगाए कि समझा जाता है कि राव ने अपनी पत्नी, बच्चे और कंपनियों के नाम पर चल-अचल संपत्ति हासिल किए।

सीबीआई ने कहा है कि राव की पत्नी रियल इस्टेट के व्यवसाय में थीं और उन्होंने बाला कनक दुर्गा प्रॉपर्टीज, सत्य एवेन्यूज प्राइवेट लिमिटेड और कृष्णा इंटरप्राइजेज, द्वारका की स्थापना क्रमश: 2009, 2014 और 2015 में की। इस हफ्ते दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है, ‘‘इन कंपनियों में बहुत कामकाज नहीं होता था और इन कंपनियों द्वारा काफी कम आय अर्जित की गई।’’ इसने कहा कि राव ने आयकर विभाग और कंपनी रजिस्ट्रार के पास रिटर्न दाखिल किए ताकि कथित तौर पर ‘‘उनके गोपनीय वित्तीय लेन-देन को छिपाया जा सके।’’

इसने आरोप लगाए, ‘‘सूत्रों की सूचना में इस बात का खुलासा हुआ कि उन्होंने रिटर्न दाखिल करना, कंपनी के बैलेंस शीट आदि को सरकारी विभागों में दायर करना सुनिश्चित किया ताकि सूचनाओं को छिपाया जा सके।’’ सीबीआई ने आरोप लगाया है कि एनटीपीसी के सीवीओ के तौर पर राव ने अपनी पत्नी, बच्चों और आंध्रप्रदेश, दिल्ली और उत्तरप्रदेश की कंपनियों के नाम पर काफी चल-अचल संपत्ति जुटानी शुरू कर दी। आरोप लगाया गया कि सीवीओ के कार्यकाल के दौरान उन्होंने 14.92 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की जिसमें उनकी पत्नी और बाला कनक दुर्गा प्रॉपर्टीज द्वारा हासिल संपत्ति शामिल है। एजेंसी ने खर्च और वास्तविक आय का आकलन करने के बाद पाया कि दस करोड़ से ज्यादा आय से अधिक संपत्ति अर्जित की गई।

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