Home व्यापार एसबीआई के बदल गए हैं ये 4 नियम, जानें क्‍या होगा फायदा

एसबीआई के बदल गए हैं ये 4 नियम, जानें क्‍या होगा फायदा

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नई दिल्‍ली । 1 अक्‍टूबर यानी रविवार से भारतीय स्‍टेट बैंक (SBI) के 4 नियम बदल गए हैं। नियमों में बदलाव कर SBI ने अपने कस्‍टमर्स को मिनिमम अकाउंट बैलेंस चार्ज और अकाउंट क्‍लोजर चार्ज के मोर्च पर राहत दी है। इसके अलावा बेस रेट पर कर्ज लेने वाले पुराने कस्‍टमर्स के लोन की ईएमआई के मोर्चे पर भी राहत मिलेगी। हम आपको बता रहे हैं नियमों में बदलाव से आपको कैसे फायदा होगा।

SBI में कम हो गई मिनिमम बैलेंस लिमिट
– स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने मिनिमम अकाउंट बैलेंस के नियमों में बदलाव किया है है। इसके तहत 1 अक्टूबर से मेट्रो सेंटर्स में यह मिनिमम अकाउंट बैलेंस लिमिट 5000 रुपए से घटकर 3000 हो जाएगी।
– अब मेट्रो और अर्बन सेंटर को एक ही कैटेगरी में माना जाएगा। मिनिमम बैलेंस चार्ज में भी 20% से 50% तक कटौती की गई है।
– इसके साथ ही बैंक अब नाबालिगों, पेंशनर्स और सब्सिडी के लिए खोले गए अकाउंट्स पर मिनिमम बैलेंस का चार्ज वसूल नहीं करेगी।
– एसबीआई ने कहा है कि इससे करीब 5 करोड़ अकाउंट होल्‍डर्स को फायदा होगा।

SBI में अकाउंट क्‍लोज कराने का चार्ज नहीं लगेगा
– 1 अक्‍टूबर से एसबीआई अपने कस्टमर्स से अकाउंट खोलने के एक साल बाद उसे क्लोज कराने पर कोई चार्ज नहीं लेगा।
– अकाउंट खोलने के 14 दिन के अंदर भी उसे क्लोज कराया जाता है तो उस पर चार्ज नहीं लगेगा, लेकिन 14 दिन के बाद और एक साल पूरा होने से पहले अकाउंट क्लोज कराया तो 500 रुपए और जीएसटी देना होगा।
– अकाउंट होल्डर की मौत के बाद उसके अकाउंट का सेटलमेंट करने और अकाउंट बंद करने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।
– अब तक एसबीआई में सभी तरह के अकाउंट बंद कराने या सेटल कराने पर 500 रुपए और जीएसटी देना होता था।

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