नाजुक दौर से गुजर रहा रेलवे, सुरक्षा को दी जाएगी प्राथमिकता: लोहानी
By dsp bpl On 29 Aug, 2017 At 02:29 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

रेलवे बोर्ड के नवनियुक्त चेयरमेन अश्वनी लोहानी ने कहा है कि हालिया कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की वजह से ‘‘छवि की समस्या’’ का सामना कर रही भारतीय रेलवे ‘‘नाजुक मोड़’’ पर है लेकिन सुरक्षा का मुद्दा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। रेलवे के कर्मचारियों को सोमवार को एक पत्र में लोहानी ने लिखा है कि पिछले दिनों हुई कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की वजह से भारतीय रेलवे की छवि को गहरा धक्का लगा है।

गौरतलब है कि आज महाराष्ट्र के आसनगांव में एक ट्रेन पटरी से उतर गई और बीते दस दिन में ट्रेन के पटरी से उतरने की यह चौथी घटना है। 28 अगस्त को लिखे अपने पत्र में लोहानी ने देश के इस सबसे बड़े यात्री वाहक में सुधार का संकेत भी दिया है। लोहानी ने पत्र में लिखा है ‘‘इस नाजुक मोड़ पर, जब रेलवे की छवि पर असर पड़ा है, मैं अपने सभी सहयोगी रेलकर्मियों से इस छवि को सुधारने की दिशा में काम करने की अपेक्षा करता हूं।’’

एयर इंडिया के पूर्व सीएमडी ने स्पष्ट किया कि हर दिन करीब तीन करोड़ यात्रियों को लाने ले जाने वाली रेलवे में सुरक्षा पर मुख्य ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘ट्रेन के परिचालनों में सुरक्षा का उच्च स्तर सुनिश्चित करने के लिए हमें सदैव चौकस रहना होगा और हमारे यात्रियों में विश्वास की भावना नए सिरे से जगानी होगी।’’ लोहानी ने लिखा है ‘‘हाल ही में हुई कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की वजह से भारतीय रेलवे को धक्का लगा है। ऐसी घटनाओं की वजह से वह महान कार्य दब जैसे जाता है जिसे यह संगठन हर दिन अंजाम देता है।’’

उन्होंने खानपान, कंबलों और साफ-सफाई की गुणवत्ता का भी जिक्र किया और इन्हें चिंता का विषय बताया। उनके अनुसार, इन पर भी ध्यान देने की जरूरत है और कम समय में इनमें सुधार के लिए मिशन मोड पर काम करने की जरूरत है। लोहानी ने कहा कि हमें व्यय कम करना होगा, माल की ढुलाई बढ़ानी होगी और गैर परंपरागत राजस्व अर्जन के अन्य स्रोत तलाशने होंगे ताकि राजस्व को बढ़ाया जा सके।

ट्रेन के पटरी से उतरने की आज एक और घटना हुई है। महाराष्ट्र के आसनगांव स्टेशन तथा वासिंद के बीच नागपुर-मुंबई दूरंतो एक्सप्रेस का इंजन और नौ डिब्बे आज सुबह भूस्खलन होने के बाद पटरी से उतर गए। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इससे पहले, 19 अगस्त को तेज गति से जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के 14 डिब्बे उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में खतौली के पास पटरी से उतर गए थे। हादसा इतना भयावह था कि एक डब्बा पटरी के समीप स्थित एक मकान से जा टकराया था। इस हादसे में 23 लोगों की जान चली गई थी और 60 से अधिक लोग घायल हो गए थे। 23 अगस्त को उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में कैफियत एक्सप्रेस ट्रेन पटरी पर उलटे एक डंपर से टकरा गई जिससे उसके 10 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में करीब 100 लोग घायल हो गए थे। 25 अगस्त को मुंबई में अंधेरी जा रही एक लोकल ट्रेन के छह डिब्बे पटरी से उतर गए थे जिससे छह यात्री घायल हो गए थे।

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