Home मध्यप्रदेश भोपाल कमिश्नर ने राजगढ़ में की विभिन्न कार्यों की समीक्षा

भोपाल कमिश्नर ने राजगढ़ में की विभिन्न कार्यों की समीक्षा

42
0

राजगढ़। भोपाल संभाग के कमिश्नर अजातशत्रु श्रीवास्तव ने शुक्रवार शाम को राजगढ़ के प्रवास के दौरान मोहनपुरा वृहद सिंचाई परियोजना निर्माण स्थल पर मोहनपुरा एवं कुण्डालियां डैम की प्रगति, पूर्ण होने की समय-सीमा, प्रभावित एवं लाभान्वित ग्रामों तथा पुनर्वास की समीक्षा की।

इस दौरान उन्होंने भू-अर्जन अधिकारियों एवं मोहनपुरा और कुण्डालियां वृहद सिंचाई परियोजना के अधिकारियों से कहा कि प्रदेश की पुनर्वास नीति के पालन में कोई कमी नहीं रहे। भू-अर्जन के मामले में सर्वप्रथम स्थल चिह्नित करें एवं मुनारे लगवाएं, नामांतरण-बटंवारें कराएं, मकानों की नंबरिंग कराएं, डायवर्सन नही करें, नवीन कुंआ-मकान निर्माण कार्य नहीं हो, यह सुनिश्चित करें फिर अधिसूचना का प्रकाशन कराएं। अवार्ड पारित होने के बाद कोई परिवर्तन नही हों।

संभागायुक्त ने कहा कि जिले की दोनो सिंचाई परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सिंचाई क्षमता में व्यापक वृध्दि होगी। पूर्ण क्षमता के उपयोग के लिए कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन विभाग कार्य योजना बनाएं। पुनर्वास स्थलों पर विद्युत, पानी, सी.सी. रोड, स्कूल, आंगनवाड़ी और सामुदायिक भवन सहित अधोसंरचना विकास के कार्यो में कोताही नहीं हो। उन्होंने मोहनपुरा डैम निर्माण स्थल का निरीक्षण भी किया। बाद में उन्होंने पुनर्वास स्थल राजलीबे एवं खीमाखेड़ी ग्राम ण किया। खीमाखेड़ी में उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र एवं प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया तथा आंगनबाड़ी केन्द्र को आदर्श आंगनबाड़ी केन्द्र बनाने तथा स्कूल को आवश्यक फर्नीचर उपलब्ध कराने, रैम्प की ढलान कम करने के निर्देश दिए।

श्रीवास्तव राजगढ़ जिले के भ्रमण के दौरान शुक्रवार की रात नरसिंहगढ़ के पलासी में ग्राम चौपाल में शामिल हुए। ग्रामीणों से चर्चा की, उनकी समस्याएं जानीं तथा मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को निराकृत करने के लिए निर्देशित किया। इस दौरान उन्होंने उज्जवला योजनान्तर्गत हितग्राहियों को गैस कनेक्शन, बालक-बालिकाओं को जाति प्रमाण पत्र एवं कृषकों को ऋण पुस्तिकाओं का वितरण किया।

उन्होंने किसानों से कहा कि सोयाबीन फसल अब लाभप्रद नहीं रही है। फसल चक्र बदलें इस हेतु आपसी विचार विमर्श एवं कृषि विभाग की सलाह लें। चौपाल में सोयाबीन फसल में अफलन एवं पीला पड़ऩे की समस्या के मद्देनजर बीजोपचार कर बुवाई करने, समय रहते आवश्यक दवाईयों का छिडकाव करने तथा सोयाबीन के स्थान पर अगले खरीफ फसल मौसम में खरीफ की प्याज, धनिया और हल्दी, शाक-भाजी लगाने की सलाह भी दी।

उन्होंने ब्यावरा के कचनारिया में ग्रामीण आजिविका मिशन के ग्राम संगठन समूह की महिलाओं से चर्चा की तथा उन्होंने आत्म निर्भर एवं स्वावलंबी बनने के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की सीख दी। उन्होने कहा कि समूह में शक्ति होती है। प्रगति की गति भी तेज होती है। उन्होंने आजीविका मिशन जिला प्रबंधन को समूह की क्षमता वृद्धि करने तथा उत्पादित सामाग्रियों को बाजार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here