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एआईटीए ने अमृतराज की सीटीएल का अनुबंध किया रद्द

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नयी दिल्ली। अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने अनुबंध की शर्तें पूरी नहीं करने पर विजय अमृतराज की चैंपियन्स टेनिस लीग (सीटीएल) का अनुबंध रद्द कर दिया जिससे यह पूर्व दिग्गज खिलाड़ी स्तब्ध है और उनका कहना है कि यह कदम उस समय उठाया गया जब वे लीग में नयी जान फूंकने की तैयारी कर रहे थे। एआईटीए ने पूर्व स्टार अमृतराज की अगुवाई वाले सेकेंड सर्व प्राइवेट लिमिटेड (एसएसपीएल) के साथ नौ साल का अनुबंध किया था। अमृतराज इस कंपनी के एक निदेशक थे।

एआईटीए के महासचिव हिरणमय चटर्जी ने कहा कि आयोजक अनुबंध के अनुसार 2016 सत्र की तय फीस के तौर पर अभी तक 30 लाख रूपये का भुगतान करने में नाकाम रहे हैं। इसके अलावा पहले दो साल में लाभ का दस प्रतिशत हिस्सा भी नहीं दिया गया। चटर्जी ने कहा, ‘‘उन्होंने पिछले साल लीग का आयोजन नहीं किया और अनुबंध नौ साल का था जिसमें ब्रेक का प्रावधान नहीं था। उन्होंने 30 लाख रूपये की तय धनराशि का भुगतान नहीं किया। हमने उन्हें इस साल इसका आयोजन करने का मौका दिया था जिस पर वे शुरू में सहमत हो गये थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन बाद में कहा कि फ्रेंचाइजी केवल 2017 के लिये तैयार नहीं होंगी। उन्होंने हमसे कहा कि हम उन्हें करार के अनुसार नौ साल तक आयोजित करने दें लेकिन हमारी कार्यकारिणी ने इसे नामंजूर कर दिया।’’ एआईटीए के इस वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सीटीएल आयोजक दस प्रतिशत का लाभांश भी देने में नाकाम रहे। चटर्जी ने कहा, ‘‘उन्होंने नुकसान की बात करके हमें कभी दस प्रतिशत लाभांश का भुगतान नहीं किया।’’ संपर्क करने पर अमृतराज ने कहा कि वह यह खबर सुनकर पूरी तरह से स्तब्ध हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि एआईटीए ने वार्षिक तय फीस में इजाफे की मांग की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें अच्छी तरह पता था कि हम पुन: एकजुट हो रहे थे और इसमें नयी जान फूंकने का प्रयास कर रहे थे। वे फीस की राशि को लगभग दोगुना करना चाहते थे।’’ अमृतराज ने कहा, ‘‘उनके पास हमारी सारी बैलेंस शीट हैं, जो दर्शाते हैं कि हमें नुकसान हुआ। जो हम लाभांश का 10 प्रतिशत कैसे दे सकते हैं जबकि लाभ हुआ ही नहीं।’’ एआईटीए हालांकि एसएसपीएल को अगले साल नयी बोली लगाने का मौका देगा। चटर्जी ने कहा, ‘‘हमने उनसे कहा है कि वे अगले साल आवेदन कर सकते हैं। हम उन्हें नहीं रोकेंगे। हम उन्हें प्राथमिकता देंगे।”

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