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निजी स्कूल बढ़ी हुई फीस लौटायें नहीं तो टेकओवर करेगी सरकार:केजरीवाल

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नई दिल्ली। अभिभावकों को राहत देने के लिए दिल्ली सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है। सरकार का कहना है कि इस चेतावनी के बावजूद भी अगर निजी स्कूल जस्टिस अनिल दवे कमेटी की सिफारिशों को मानने से इनकार करते हैं तो दिल्ली सरकार उनका टेकओवर करने के लिए मजबूर हो जाएगी।

शुक्रवार को दिल्ली सचिवालय में इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलने के मामले में दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय की ओर से हाईकोर्ट को 449 निजी स्कूलों को टेकओवर करने का प्रस्ताव दिया गया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ नहीं है बल्कि सरकार तो प्राइवेट स्कूलों को दिल्ली की शिक्षा-व्यवस्था का अभिन्न अंग मानती है। उन्होंने कहा कि हम तो केवल प्राइवेट स्कूलों से जस्टिस अनिल दवे सिंह कमेटी की सिफारिशों को लागू करने की अपील कर रहे हैं। लेकिन हमारा यह भी कहना है कि अगर अभी भी ये स्कूल अपनी मनमानी पर उतारू रहे तो दिल्ली सरकार इन स्कूलों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए तैयार है।

गौरतलब है कि जस्टिस अनिल दवे सिंह कमेटी ने जबरन फीस वृद्धि के मामले में 1108 स्कूलों की जांच की थी। जिनमें से 544 स्कूल फीस बढ़ाने की आरोपी पाए गए। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने जस्टिस अनिल दवे कमेटी बनाई थी, जिसके अनुसार बढ़ी फीस को नौ फीसदी ब्याज दर से अभिभावकों को लौटानी थी लेकिन 544 में से 449 स्कूलों ने बढ़ी हुई फीस का पैसा वापस नहीं किया।

इस बाबत उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में प्राइवेट स्कूलों की लूट को पूरी तरह से खत्म किया जाएगा। उन्होंने दोहराया, ‘हम प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ नहीं हैं’। सिसोदिया ने उम्मीद जताई कि सरकार को इन स्कूलों को टेकओवर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पुरानी सरकारों ने शिक्षा नीति को लेकर ढिलाई बरती है लेकिन इस सरकार में ऐसा नहीं किया जाएगा| नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।

गौरतलब है कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा बढ़ी हुई फीस की राशि वापस न करने के मुद्दे पर बुधवार को हाईकोर्ट की सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार ने डिफाल्टर स्कूलों को टेकओवर करने की इच्छा जाहिर की थी। सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि पैसा नहीं लौटाने वाले इन स्कूलों का प्रबंधन अपने हाथों में लेने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी हो चुका है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार से कहा है कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों को सबक सिखाने की जरूरत है ताकि भविष्य में कोई मनमानी नहीं कर सके। दरअसल 2006-2009 तक की 32 महीने की मनमानी फीस वसूलने वाले करीब एक हजार प्राइवेट स्कूलों की जांच के लिए, 2011 में हाईकोर्ट ने अनिल देव कमेटी का गठन किया था।

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