जीएसटी दर अधिक होने से पट्टा उद्योग की वृद्धि हो सकती है प्रभावित
By dsp bpl On 16 Aug, 2017 At 02:57 PM | Categorized As व्यापार | With 0 Comments

कोलकाता। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिक होने तथा अन्य कारणों से पूंजीगत वस्तु पट्टा क्षेत्र क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। यह क्षेत्र लगभग 5500 करोड़ रुपये का है और इसकी वृद्धि दर 15 से 20 प्रतिशत है। फाइनेंस इंडस्ट्री डेवलपमेंट काउंसिल के महानिदेशक महेश ठक्कर ने कहा, ‘‘पट्टा उद्योग के लिये जीएसटी दर 28 प्रतिशत है जो अधिक है। पहले इस पर 5 से 15 प्रतिशत कर का बोझ था। अधिक जीएसटी दर से अधिक कार्यशील पूंजी की जरूरत होगी। इससे उपकरण को पट्टे पर लेना महंगा होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को पूंजीगत वस्तुओं को जीएसटी की उसी श्रेणी में नहीं रखने पर विचार करना चाहिए जिसमें विलासिता की वस्तुएं हैं। कम जीएसटी से सकल पूंजी निर्माण में पट्टा उद्योग की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद मिलेगी।’’ ठक्कर ने कहा कि देश में सकल पूंजी निर्माण में पट्टा उद्योग की हिस्सेदारी दो प्रतिशत से कम है जबकि वैश्विक औसत 10 प्रतिशत है। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के अधिकारी ने कहा कि जीएसटी दर के अलावा इनपुट टैक्स क्रेडिट, ईएमआई भेजने में देरी के लिये जुर्माना आदि मुद्दे हैं जिसे दुरूस्त किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने इन समस्याओं के बारे में सरकार को जानकारी दी है लेकिन अब तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।’’

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