गोरखपुर हादसा: जिलाधिकारी ने सौंपी रिपोर्ट, ऑक्सीजन की कमी का हुआ खुलासा
By dsp bpl On 13 Aug, 2017 At 02:26 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

लखनऊ/गोरखपुर। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुई मौतों के मामले में जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने रविवार को अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इस रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज प्रशासन के दावे की पोल खुल गई है।

जिलाधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में आक्सीजन की कमी का खुलासा
जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने अपनी रिपोर्ट प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टण्डन को सौंपी है। जिलाधिकारी की रिपोर्ट में इस बात को स्वीकार किया गया है कि मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में आक्सीजन की आपूर्ति रुकी थी। चिकित्सा शिक्षा मंत्री अब इस रिपोर्ट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेंगे। मुख्यमंत्री योगी आज स्वयं गोरखपुर मेडिकल कॉलेज गये हुए हैं। उनके साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी हैं।

गौरतलब है कि पिछले दिनों गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में आक्सीजन की आपूर्ति रुकने से 60 से अधिक मरीजों की मौत हो गई थी लेकिन कॉलेज प्रशासन का दावा था कि मौतें आक्सीजन की कमी से नहीं हुई। दरअसल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली कंपनी पुष्पा सेल्स का 69 लाख का बकाया भुगतान नहीं हुआ था। कंपनी ने कई बार पत्र लिखा फिर भी जब भुगतान नहीं हुआ तो उसने पहली अगस्त को चेतावनी पत्र दिया था कि कंपनी अब कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद कर देगी। अंततः उसने चार अगस्त से आक्सीजन की आपूर्ति बंद भी कर दी। हिन्दुस्थान समाचार ने पुष्पा सेल्स का पहली अगस्त को जारी किया गया चेतावनी पत्र रविवार को प्रकाशित किया था।

ऑक्सीजन की आपूर्ति बंद होने के बाद मेडिकल कॉलेज भर्ती 60 से अधिक मरीजों की मौत हो गई तो हड़कंप मच गया। शनिवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। प्रारम्भिक जांच में कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ आरके सिंह की लापरवाही सामने आयी थी। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया था। साथ ही मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी भी गठित कर दी है। कमेटी जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट देगी जिसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बीच शासन ने राजकीय मेडिकल कॉलेज, अम्बेडकरनगर के प्रधानाचार्य डॉ पीके सिंह को बीआरडी मेडिकल कॉलेज का कार्यवाहक प्रधानाचार्य नियुक्त कर दिया है।

मेडिकल कॉलेज में कार्यवाहक प्रधानाचार्य की तैनाती

गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में रविवार को कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में डॉ पीके सिंह की तैनाती कर दी गई। लापरवाही के आरोप में वहां के प्रधानाचार्य डॉ आरके मिश्र को शनिवार को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया था।

शासन से मिली जानकारी के अनुसार चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव अनीता भटनागर जैन ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ पीके सिंह को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज का भी अतिरिक्त कार्यभार सौंप दिया है। अनीता भटनागर जैन द्वारा जारी आदेश के अनुसार डॉ पीके सिंह को इस दौरान कोई अतिरिक्त वेतन भत्ता आदि देय नहीं होगा। उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश जारी हुआ है। गौरतलब है कि ऑक्सीजन की कमी के चलते पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में 60 से अधिक मरीजों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद चारों तरफ हड़कंप मच गया।

शनिवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन मेडिकल कालेज पहुंचे थे। प्रारम्भिक जांच में कालेज के प्रधानाचार्य डॉ आरके सिंह की लापरवाही सामने आयी थी। इसके बाद चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया था। मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी भी गठित कर दी है। कमेटी जल्द ही अपनी जांच रिपोर्ट देगी जिसके बाद दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी आज गोरखपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे हैं।

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