मेधा पाटकर का अनशन जारी, ग्रामीणों ने दिया प्रोटेक्शन
By dsp bpl On 31 Jul, 2017 At 03:07 PM | Categorized As मध्यप्रदेश | With 0 Comments

बड़वानी। सरदार सरोवर बांध के डूब प्रभावितों के हक की लड़ाई लड़ रही नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर का अनशन सोमवार को भी जारी है। पिछले दो दिन से वे बड़वानी जिले के ग्राम चिखल्दा में डूब प्रभावितों को उनके घरों से हटाने के खिलाफ अनशन पर बैठी हैं। सोमवार को तो गांव वालों ने प्रशासन के अमले से उन्हें प्रोटेक्ट करते हुए गांव के रास्ते को ही बंद कर दिया है।

बताया जा रहा है कि ग्रामीणों ने चिखल्दा पहुंचने वाले सभी रास्तों पर बैलगाड़ी, ट्रैक्टर-ट्राली, टैंकर आदि से सील कर दिया है, ताकि प्रशासनिक अमला गांव तक न पहुंच सके। वहीं अनशन स्थल को भी चारों से पांडाल बनाकर घेर रखा है।

मेधा पाटकर ने सरदार सरोबर बांध के प्रभावितों को समुचित सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के आरोप लगाते हुए सरकार के विरोध में अनशन शुरू किया है। वे ग्राम चिखल्दा में सैकड़ों ग्रामीणों और नर्मदा बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ताओं के साथ अनशन पर बैठी हैं । मेधा पाटकर का आरोप है कि सरकार ने डूब प्रभावितों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। उन्हें उनके पुश्तैनी मकानों से निकालकर झुग्गी जैसे शेडों में पहुंचाया जा रहा है। जहां न तो सड़क़ की व्यवस्था है, न बिजली, पानी और अन्य सुविधाएं। वहीं शेडों में बारिश के मौसम में पानी भर गया है, जिससे पूरे क्षेत्र बदबू फैली हुई है। ऐसे में लोगों का पुनर्वास स्थलों पर रहना बेहद मुश्किल है।

उधर, सरकार ने सभी डूब प्रभावितों को अपने मकान खाली कराने का जो समय दिया है, वह भी आज 31 जुलाई को खत्म हो रहा है और एक अगस्त से उन्हें जबरन हटाने की कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में लोगों पर होने वाले अत्याचारों को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाए कि वे न तो प्रभावितों की व्यथा सुनना चाहते हैं और न कोई बात करना चाहते हैं। बस फरमान सुना दिया गया है।

मेधा पाटकर का यह भी कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार को पुनर्वास स्थलों पर डूब प्रभावितों के लिए समुचित व्यवस्था करनी चाहिए थी, लेकिन आज की स्थिति यह है कि इन स्थलों में जानवर भी नहीं रह सकते। ऐसे में करीब 40 हजार परिवार अपने जानवरों के साथ यहां कैसे रह सकते हैं। इसीलिए उन्होंने यह अनशन शुरू किया है, ताकि प्रभावितों को उनका हक दिलाया जा सके।

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