मुख्यमंत्री ने की चित्रकूट को मिनी-स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा
By dsp bpl On 31 Jul, 2017 At 05:11 PM | Categorized As राजधानी | With 0 Comments

सतना/भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सोमवार को चित्रकूट स्थित सीता महल में आयोजित संत समागम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी तीर्थ स्थलों यथा उज्जैन, मैहर, अमरकंटक एवं भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के समग्र विकास के लिए अभियान चला रही है। चित्रकूट को मिनी-स्मार्ट सिटी का दर्जा देने हेतु समग्र विकास के कार्य किये जायेंगे। प्रथम चरण में 180 करोड़ रूपये के कार्यों की मंजूरी दे दी गई। संतजनों के निर्देशानुसार और भी कार्य स्वीकृत किये जायेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम एवं सीतमाता की पूजा अर्चना की एवं साधु संतों का शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया। कार्यक्रम में सनकादित महाराजजी एवं संत समाज के अध्यक्ष सीताशरण महाराज (जानकीमहल, जानकीकुण्ड), रामजीदास (संतोषी अखाडा) ने पवित्र नगरी चित्रकूट के विकास के संबंध में अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे, सांसद सतना संसदीय क्षेत्र गणेश सिंह, जिला पंचायत रीवा के अध्यक्ष अभय मिश्रा, बी0डी0 शर्मा, नरेन्द्र त्रिपाठी, श्रीराम मिश्र सहित साधु संत एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ठाकुरजी के आदेशानुसार मैं संत समागम में उपस्थित हुआ हूँ, संतो के द्वारा भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के विकास के साथ ही व्यापारियों, तीर्थ यात्रियों, साधु-संतों की आवश्यकता के हर कार्य किये जाएंगे। प्रमुख रूप से कामदगिरी परिक्रमा में शेड़ व्यवस्था हेतु 02 करोड़ 25 लाख, पानी की टंकियों के निर्माण हेतु 03 करोड़ 22 लाख, परिक्रमा पथ में शौचालय निर्माण हेतु 01 करोड़ 63 लाख रूपये की स्वीकृति दी जा चुकी है। रजौला बाईपास से तुलसी मार्ग लंबाई 08 कि0मी0 में फोरलेन सडक का निर्माण तथा दो फ्लाईओवर निर्माण, पैउसुनी नदी के रपटा में पुल के निर्माण, मंदाकिनी नदी में मल-जल को रोकने हेतु 28 करोड़ की लागत से सीवर लाइन का निर्माण किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि रामदर्शन से लेकर आश्रम शाला तक डामरीकृत सडक का निर्माण, भरत घाट में रिटैनिंगबाल एवं घाट सुधार का कार्य, बाहर से आने वाले यात्रियों के रूकने हेतु ष्षेड का निर्माण, मार्ग मे ंपानी एवं षौचालय की व्यवस्था, धार्मिक पर्यटन सर्किट, पर्यावरण विकास तथा कामदगिरी पर्वत, स्फटिक शिला, आरोग्यधाम, गोदावरी चैनल का विस्तारीकरण, कामतानाथ पथ में यात्रियों के विश्राम, पेयजल एवं षौचालय की व्यवस्था, पूजन सामग्री को कम्पोस्ट कर जैविक खाद्य बनाने, गौ-अभयारण्य, सुअरों के बाडो का विकास किया जायेगा। इसके साथ ही तालाबों का संरक्षण, बरसाती पानी के निकासी की व्यवस्था, स्मार्ट यातायात हेतु सडकों एवं चौराहों का विकास एवं उनका सौंदर्यीकरण, ई-रिक्षा का संचालन, गरीबों के लिए पक्के मकानों के निर्माण हेतु 75 करोड रूपये मंजूर किये गये है, इसके साथ ही व्यापारियों के लिए दुकानों का निर्माण तथा रामघाट में सभी मकान एक रंग से पुते होंगे। पर्यावरणीय विकास के लिए मंदाकिनी नदी की सफाई, सरयू नदी, पैउसुनी नदी को पुर्नजीवित करने हेतु अभियान चलाया जायेगा। कामदगिरी पर्वत, लक्षमण पहाडी एवं सती अनुसुइया क्षेत्र में वृक्षारोपण किया जायेगा।

संत समागम में संतों ने प्रदेश एवं प्रदेशवासियों के विकास का आशीर्वाद प्रदान किया। इस अवसर पर सनकादिक महाराज (सनकादिकनगर) सचिदानंद महाराज (रामसखा मंदिर), बलरामदास महाराज (रामानन्द आश्रम, जानकीकुण्ड), सीताशरण महाराज (जानकीमहल, जानकीकुण्ड), साहेबबाबा (कबीर आश्रम, जानकीकुण्ड), रामप्यारे शरण महाराज (फलाहारी आश्रम, जानकीकुण्ड), गोविन्ददास महाराज (भक्ति अराधना आश्रम, मैथिली गली, जानकीकुण्ड), रामप्रियदास (खाकचौक, जानकीकुण्ड), रघुवरशरण (गउघाट, जानकीकुण्ड), राघवदास महाराज (रामानन्द नगर), माधवदास (रामनगर), शांतिदास (रामनगर), रामहदय दास महाराज (रामायणी कुटी), रामजीदास (संतोषी अखाडा), ओंकारदास महाराज (निर्मोही अखाड़ा), मदनदास (प्रथम द्वार), ओंकारदास (ब्रम्हकुण्ड), त्रिलोकीदास (ब्रम्हकुण्ड), सरजूशरण (नरहरपानद्र नगर), योगेन्द्रदास (बडी हनुमान दासजी), राघवदास (सनकादिक नगर) उपस्थित थे।

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