पवित्र मंदाकिनी नदी होगी प्रदूषण मुक्त: सीएम शिवराज
By dsp bpl On 31 Jul, 2017 At 05:26 PM | Categorized As मध्यप्रदेश, राजधानी | With 0 Comments

सतना/भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के तट स्थित भरतघाट में 28 करोड 87 लाख 61 हजार लागत के मंदाकिनी नदी संरक्षण योजनान्तर्गत चित्रकूट सीवरेज परियोजना द्वितीय चरण के कार्यों का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पवित्र मंदाकिनी नदी को पूर्णत: प्रदूषण मुक्त किया जाएगा। चित्रकूट नगर के प्रत्येक घर को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा और एकत्रित गंदा पानी को ट्रीटमेंट कर उपचारित जल का उपयोग कृषि कार्य के लिए किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के उद्योग खनिज साधन मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे, सांसद गणेश सिंह विशेष रूप से मौजूद थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदाकिनी नदी के उदगम स्थल को भी पर्यावरण की दृष्टि से विकसित किया जायेगा। ताकि नदी में जल प्रवाह निरंतर बना रहे। इसके लिए 40 लाख स्वीकृत किये गये हैं। मंदाकिनी नदी में सहायक नदियों को भी पुनर्जीवित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंदाकिनी वही पवित्र नदी है, जिसके संगम पर भगवान राम स्नान किया करते थे। चित्रकूट परम पावन तीर्थ है, यह देश के सर्वश्रेष्ठ तीर्थो में से एक है। सरकार नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के तहत हर प्रयास करेगी। चित्रकूट को तपोभूमि चित्रकूट योजना के अंतर्गत विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सीवरेज परियोजना के अंतर्गत गंदे जल के शुद्धिकरण के लिए ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जायेगा। गुप्त गोदावरी संरक्षण के लिए 40 लाख रूपये और गौ-सरंक्षण एवं गौशाला के लिए 2 करोड़ रूपये स्वीकृत किये जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पवित्र तीर्थ स्थल चित्रकूट आने वाले तीर्थ यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को सभी सुविधायें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस धार्मिक क्षेत्र का संतुलित एवं समुचित विकास होगा। चित्रकूट नगरीय क्षेत्र में तीर्थ यात्रियों से नगर पालिका द्वारा टैक्स नहीं लिया जायेगा। टैक्स से एकत्रित होने वाली राशि राज्य शासन द्वारा नगर पालिका को प्रदान की जायेगी।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को सतना जिला स्थित तपोभूमि चित्रकूट में कामदगिरी में 5 करोड़ की लागत से बनने वाले विभिन्न कार्यों का शिलान्यास किया। कामदगिरी परिक्रमा पथ में पांच पानी टंकियों के निर्माण हेतु 02 करोड़ पांच लाख रूपये, भरतघाट सुधार हेतु 56 लाख रूपये, जीर्णोद्वार हेतु 50 लाख रूपये तथा षौचालय निर्माण हेतु 01 करोड 63 लाख रूपये के कार्य शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि परिक्रमा पथ एवं तीर्थस्थलों के विकास हेतु मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना से 03 करोड 50 लाख परिक्रमा के संकुचित मार्ग पर स्काईबाक निर्माण हेतु 02 करोड रूपये पूजन सामग्री, अपशेष प्रबंधन हेतु 02 करोड रूपये एवं गुप्त गोदावरी, अनुसुइया आश्रम, स्फटिक षिला में स्मार्ट पूजन, प्रसाद सामग्री दुकानों के निर्माण हेतु 08 करोड रूपये मंजूर किये जायेंगे। इसी तरह तपोभूमि चित्रकूट मे ंमूलभूत सरचनाओं के विकास हेतु 129 करोड 19 लाख रूपये मंजूर किये जायेंगे। जिसमे शहरी पेयजल आवर्धन योजना हेतु 13 करोड 19 लाख ठोस अपषिष्ट प्रबंधन हेतु 05 करोड, वर्षा जल निकासी हेतु 06 करोड, सार्वजनिक षौचालय निर्माण हेतु 02.05 करोड सबके लिए आवास योजना विकास हेतु 75 करोड रूपये, सडकों ,चौराहों, पेयजल एवं घाट निर्माण हेतु 09 करोड रूपये, बस स्टैण्ड निर्माण हेतु 08 करोड रूपये, पार्किंग व्यवस्था उन्नयन हेतु 05 करोड, ई-रिक्षा प्रोत्साहन एवं प्रदाय हेतु 03 करोड 50 लाख रूपये, आजीविका संवर्धन हेतुु 02 करोड रूपये मजूर किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब चित्रकूट आने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी भी प्रकार का कर नहीं देना होगा, कर की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार स्वयं करेगी। इसी तरह परिवहन विभाग का चेक पोस्ट भी हटा दिया जायेगा। तीर्थ यात्रियों को कर्वी, अतर्रा, सतना आदि की सर्किट बनाकर यात्री बसों का संचालन किया जायेगा। इस अवसर पर आपने भगवान श्रीराम एवं सीता माता की पूजा-अर्चना की एवं साधु संतों का शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कामतानाथ मंदिर में जाकर की भगवान की पूजा-अर्चना भी की।

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