Home मध्यप्रदेश करोड़ों में खरीदी प्‍याज सड़ी, अब फिकवा रही सरकार

करोड़ों में खरीदी प्‍याज सड़ी, अब फिकवा रही सरकार

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भोपाल। मध्‍य प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्‍य पर आठ रुपए किलो के भाव से खरीदी गई प्‍याज से जहां किसान खुश थे वहीं सरकार ने भी अपनी वाहवाही लूटने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी, किन्‍तु अब वही प्‍याज सरकार के सिरदर्द बन चुकी है।

जानकारी के अनुसार प्रदेश में इस वर्ष राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा डेढ़ लाख किसानों से 8 लाख 76 हजार मीट्रिक टन प्याज करोड़ों रुपए में खरीदा है लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते वहीं प्‍याज मंडियों में वने टीन शेड में रखा रहा और बारिश होने से पूरी तरह अब सड़ चुका है। सरकार ने दावा किया था कि यह प्‍याज गरीबों को पीडीएस दुकानों से बांटा जाएगा, हालांकि सरकार ने प्रदेश की प्रमुख दुकानों को चिह्नित कर प्‍याज बांट दिया। अगर बची प्‍याज को भी सरकार गरीबों में बांट देती तो आज फेंकने की नौबत नहीं आती।

राजधानी भोपाल की करोंद मंडी में रखी 21 हजार 800 क्विंटल खराब प्याज को नष्ट किया जा रहा है और यह सड़ी प्‍याज को एमपी एग्रो के प्लांट में खाद बनाने के लिए भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन यह भानपुर खंती में पटकी जा रही है।

वहीं शाजापुर जिले में समर्थन मूल्य पर खरीदा गई करीब ढाई करोड़ की प्याज जमीन में गाड़ने की तैयारी कर ली है, क्‍योंकि खुले में पड़ी प्‍याज पर बारिश का पानी लगने से पूरी तरह सड़ गई है। यहां तक इस प्‍याज को जानवर तक नहीं खा रहे है। प्‍याज की दुर्गन्‍ध से मंडी प्रशासन के लोग भी बीमारियों की चपेट में आने लगे हैं। जानकारी के अनुसार यहां प्याज नष्ट करने के लिये रिहाईशी इलाके से दूर एक गढ्ढे में प्याज को नष्‍ट किया जायेगा। यही नहीं इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी करवाई जा रही है।

वहीं जब सड़ी प्‍याज के बारे में अधिकारियों से चर्चा की गई तो अधिकारी कुछ भी बताने को तैयार नहीं है क्‍योंकि प्‍याज की कमीशनखोरी में दो अधिकारियों को सरकार ने सस्‍पेंड कर दिया है और पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में इस वर्ष राज्य सहकारी विपणन संघ द्वारा डेढ़ लाख किसानों से 8 लाख 76 हजार मीट्रिक टन प्याज की खरीदी 8 रुपये प्रति किलो की दर पर की गई। उपार्जित की गई प्याज की कुल मात्रा में से लगभग एक लाख मीट्रिक टन प्याज का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा 31 लाख परिवारों को किया गया।

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