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गौ रक्षा के नाम पर हिंसा फैलानेवालों कि खिलाफ कठोर कार्रवाई : अनंत कुमार

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नई दिल्ली। संसद में मानसून सत्र से एक दिन पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार द्वारा बुलाई सर्वदलीय बैठक सम्पन्न हो गयी है।

बैठक के बाद अनंत कुमार ने रविवार को कहा कि विपक्ष के गौ रक्षक नाम पर फैलाई जा रही हिंसा पर कहा कि गौ रक्षा के नाम पर जो हिंसा कर रहे हैं, ऐसे लोगों पर सरकार कठोर कार्रवाई करेगी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अनंत कुमार ने बताया की बैठक में विपक्ष के गौ रक्षकों की हिंसा पर प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार ऐसे मामलों की जांच कराएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी।

सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के पूर्वोत्तर बाढ़ के सवाल पर संसदीय मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि पीएम मोदी ने उत्तर पूर्व राज्यों की बढ़ पर चिंता जताई है। सरकार की तरफ से पूर्वोत्तर राज्यों में बाढ़ राहत के लिए पर्याप्त मदद की जा रही है। इसके लिए केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू के नेतृत्व में एक दल गुरुवार से ही पूर्वोत्तर दौरे पर है। केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश को बाढ़ राहत के लिए 51.30 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता राशि भी जारी कर दी है। अनंत कुमार ने बैठक में सभी दलों से संसद की कार्यवाही शांतिपूर्वक ढंग से चलाने की अपील की। हालांकि विपक्ष सरकार की मंशा पूरी होने देगा, इस पर शक है। विपक्ष अमरनाथ आतंकी हमले, कश्मीर मुद्दा और चीन के साथ सीमा विवाद पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।

बैठक में सीपीआई नेता डी राजा, समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव, सीपीआईएम नेता सीताराम येचुरी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने इस बैठक का बहिष्कार किया है। लेकिन टीएमसी शाम को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की ओर से बुलाये गए सर्वदलीय बैठक में अपने प्रतिनिधि को भेजेगी। वहीं जनता दल यू (जेडीयू) के भी किसी नेता ने इस बैठक में भाग नहीं लिया है। जेडीयू नेता ने इस बैठक में भाग नहीं लेने को बहिष्कार करने की खबरों का खंडन किया है।

जेडीयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा, ‘शरद यादव और अन्य सांसद व्यस्त होने की वजह से सर्वदलीय बैठक में हिस्सा नहीं बन पाए। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से इसका कोई बायकॉट नहीं किया गया है।‘ दरअसल केंद्र सरकार के लिए इस बार का मानसून सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। इस सत्र में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव के साथ ही सरकार को कुल 18 बिलों को पास कराना है। इनमें व्हिसीलब्लोअर्स प्रोटेक्शन (संशोधन) बिल, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग बिल, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट बिल, भ्रष्टाचार निरोधक (संशोधन) बिल और नेशनल स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बिल जैसे बिल शामिल हैं।

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