Home राजधानी राष्ट्रपति पद की गरिमा बनाए रखूं, यही आशीर्वाद मांगने आया हूं: कोविन्द

राष्ट्रपति पद की गरिमा बनाए रखूं, यही आशीर्वाद मांगने आया हूं: कोविन्द

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भोपाल। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविन्द शनिवार को भोपाल पहुंचे। यहां सीएम हाउस में वे भाजपा विधायक दल की बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि भले ही मेरा जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ है, परंतु मेरी कर्मभूमि मध्यप्रदेश है। इसलिए मैं मध्यप्रदेश के लोगों से समर्थन मांगने नहीं बल्कि इस बात का आशीर्वाद मांगने आया हूँ कि राष्ट्रपति के पद की जो गरिमा डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, राधाकृष्णन और एपीजे अब्दुल कलाम जैसे महापुरूषों ने बनायी है, उसे अक्षुण्य बनाए रख सकंू। उन्होंने कहा कि भारत में राष्ट्रपति पद की सर्वोच्चता और मर्यादाएं है। यह व्यवस्था हमारे उस संविधान ने दी है जो दुनिया का सर्वश्रेष्ठ संविधान है। हमारे संविधान में जितने धार्मिक ग्रंथ है उनका सार समाहित है।

भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास में भाजपा विधायक दल की में मध्यप्रदेश से लोकसभा-राज्यसभा सांसद तथा विधायकों को संबोधित करते हुए श्री कोविन्द ने कहा कि देश की आजादी को 75 वर्ष पूर्ण होने जा रहे है और हम एक सशक्त समृद्ध और समरस भारत का सपना पूर्ण करना चाहते है। हमें हमारे अग्रजों ने जो संस्कार दिए है उनके बूते पर अहिर्निश परिश्रम करते हुए हम इसे अवश्य कर पायेंगे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरलीमनोहर जोशी और कुशाभाऊ ठाकरे का उल्लेख करते हुए कहा कि ठाकरे जी कार्यकर्ता के कार्य पर बहुत बारीक नजर रखते थे। कार्यकर्ता के संस्कार और मर्यादाएं बनाए रखने के लिए हमारे नींव के पत्थरों ने जो परिश्रम किया है उसका ध्यान हमें सदैव रहता है और रहना भी चाहिए। हमें सिखाया गया है कि हमारे लिए हर धर्म, जाति, क्षेत्र का व्यक्ति समान है और इसी आधार पर मैंने बिहार के राज्यपाल के रूप में काम किया। इसलिए बिहार से भी हमें सहयोग प्राप्त हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, एनडीए के अन्य दलों और एनडीए के बाहर के उन सभी दलों के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए समर्थन दिया है।

इससे पूर्व भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि भारत में प्रमुख चार पद होते है, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष। अभी तक हम तीन पदों पर अपने कार्यकर्ता को आरूढ़ देख चुके हैं और अब वह सुखद दिन हमारे सामने आने वाला है जब हमारा कार्यकर्ता देश के सर्वोच्च शिखर पर विराजमान होगा। देश भर में 25 जुलाई को दीपावली मनायी जायेगी। उन्होंने कहा कि कोविन्द जी भाजपा के ऐसे लोकप्रिय संस्कारवान विद्वान और परिश्रमी चेहरे है जिनको प्रत्येक कार्यकर्ता करीब से जानता है। उन्होंने अनुसूचित जाति मोर्चा के तीन बार अध्यक्ष रहते हुए पूरे देश का भ्रमण किया। प्रत्येक वर्ग के कार्यकर्ता की चिंता की। उनकी कार्यकुशलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आडवाणी जी, ठाकरे जी और वैंकेया नायडू तीनों ने ही श्री कोविन्द को अपने अध्यक्षीय कार्यकाल में अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया। वे एक कुशल अभिभाषक है। इसी नाते मुरारजी देसाई ने अपने कार्यकाल में उन्हें उच्च न्यायालय में शासकीय अभिभाषक नियुक्त किया था। कोविन्द जी ने केन्द्रीय लोकसेवा आयोग में चयन के बावजूद शासकीय नौकरी ज्वाइंट नहीं की क्योंकि उनके भाग्य में प्रधानमंत्री को नियुक्ति पत्र देना लिखा था, उनके भाग्य में तीनों सेनाओं का सर्वोच्च कमांडर बनना लिखा था।

सुषमा स्वराज ने जोर देकर कहा कि उन्हें बहुत पीड़ा होती है जब राष्ट्रपति के चुनाव में दलित बनाम दलित की बात की जाती है क्योंकि हमने कोविन्द जी का चयन दलित समाज से होने के नाते नहीं योग्यता के आधार पर किया है। उनके संगठन कौशल, गुण, निष्पक्षता, संवैधानिक ज्ञान के बारे में सभी भलीभांति जानते है। उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपी गयी वे सभी कसौटियों पर खरे उतरे। श्री कोविन्द जी को राजनीति न तो विरासत में मिली और न हादसे के कारण। उनकी मेहनत और उनकी योग्यता ही उनकी विशेषता है। यही कारण है कि भले ही उन्हें एनडीए ने अपना उम्मीदवार घोषित किया लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार से लेकर चन्द्रबाबू नायडू, के. चन्द्रशेखर राव, दक्षिण के कई राजनैतिक दलों, पूर्वांचल के विधायक, सांसदों ने बढ़ चढक़र अपना समर्थन दिया है।

भाजपा के प्रदेश संगठन प्रभारी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि कोविन्द जी का चयन आकांक्षा के जनतंत्र का प्रतीक है। यह इस बात का संकेत है कि हमारा कोई भी योग्य और परिश्रमी कार्यकर्ता शिखर पर पहुँच सकता है। यह अहसास आज प्रत्येक कार्यकर्ता को हो रहा है। मेरा विश्वास है कि कोविन्द जी जो विभिन्न दायित्वों निर्वहन करते हुए अनुभव का लंबा रास्ता तय करके आज इस मुकाम पर पहुंचे है वे राष्ट्रपति के दायित्वों का भी अत्यंत कुशलता से निर्वहन करेंगे। कोविन्द जी का चयन किसी घराने की निकटता अथवा अन्य कारणों से नही हुआ है बल्कि हमारे दल में कार्यकर्ता नामक जो संस्था है उसने किया है। उनके व्यक्तित्व के बारे में यदि में कंहू कि वे गागर में सागर है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। उनका वैचारिक आधार दृढ़ और स्पष्ट है। श्यामाप्रसाद मुखर्जी फाउंडेशन के कार्य को दिशा देने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। आने वाले दिनों मे राष्ट्रपति भवन हमारे कार्यकर्ता से विभूषित होगा। यह प्रत्येक कार्यकर्ता के लिए गौरव की बात है। उन्होंने श्री कोविन्द की ओर मुखाबित होते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के जन्म प्रदेश में आपका स्वागत करता हंू।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि आज एक व्यक्तित्व की ताजपोशी देश के सर्वोच्च शिखर पर होने जा रही है जिसने गरीबों के लिए संघर्ष किया और शोषित पीडि़तों के उत्थान के अनवरत प्रयास किए। संगठन में निरंतर प्रवास कर उन्हें देश के कोने कोने जो अनुभव है वह निश्चित ही राष्ट्रपति के रूप में उनका बडा संबल बनेगा। संसदीय ज्ञान के मामले में उन्होंने अपनी विद्वता का परिचय हाल में बिहार के राज्यपाल रहते हुए दिया। बिहार जैसे जटिल राज्य में सर्वसमभाव के साथ कार्य करने की उनकी शैली ने ही उन्हें सर्वस्पर्शी और सर्व समावेशी बनाया। श्री चौहान ने बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कोविन्द जी के व्यक्तित्व की बडी उपलब्धि है। राष्ट्रपति पद पर आने वाले दिनों में एक ऐसा कार्यकर्ता विराजेगा जिसे देश के तमाम राजनैतिक दल समर्थन देने जा रहे है। भले ही वे सरकार में हमारे पार्टनर नहीं है। कोविन्द जी को यह विशाल स्वीकृति भारत के सुखद भविष्य के संकेत है। जहां तक कांग्रेस का प्रश्न है तो वह तो अपना कुनबा बिखरने के डर से प्रतिकात्मक विरोध करने के लिए मजबूर है। हम तो सिर्फ यही कह सकते है कि कोविन्द जी राष्ट्र की यादगार सेवा करेंगे।

विधायक दल की बैठक में सुषमा स्वराज, थावरचन्द गेहलोत, नरेन्द्रसिंह तोमर, प्रभात झा, विनय सहस्रबुद्धे, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, नंदकुमारसिंह चौहान, राकेश सिंह, ज्योति धुर्वे, विधानसभा अध्यक्ष सीताशरण शर्मा, फग्गनसिंह कुलस्ते, विनोद चावडा, मोहन जी, सुहास भगत आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जनसंपर्क एवं संसदीय कार्य मंत्री, विधायक दल के सचेतक डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने किया।

तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन

एनडीए के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविन्द के मध्यप्रदेश प्रवास के दौरान आज मध्यप्रदेश के तीन निर्दलीय विधायक कलसिंह भाबर, सुदेश राय, दिनेश मुनमुन ने उन्हें अपना समर्थन व्यक्त किया। उनके समर्थन के लिए मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान एवं कोविन्द जी ने आभार व्यक्त किया।

भोपाल पहुंचे श्री कोविन्द का जोरदार स्वागत

एनडीए के राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी रामनाथ कोविन्द विशेष विमान से दोपहर 12 बजे भोपाल स्टेट हैंगर पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित मंत्रीमंडल के सहयोगियो, विधायक, सांसदों, प्रदेश पदाधिकारियों ने उनकी अगवानी की। भोपाल की धरती पर कदम रखते ही उनको एक मंच पर आसीनकर सभी ने बारी बारी से उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उनके स्वागत में भाषण भी दिया और विश्वास दिलाया कि भारी बहुमत से उन्हें विजय प्राप्त होगी और उनकी कर्मभूमि मध्यप्रदेश का नाम अवश्य रोशन होगा।

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