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मध्य प्रदेश में नहीं थम रही किसान आत्महत्याएं

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भोपाल/सागर। मध्यप्रदेश में किसानों की आत्महत्या की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रहीं। यहां कुछ ही दिनों में किसानों की आत्महत्याओं ने देश की राजनीति में उबाल ला दिया है। प्रदेश सरकार द्वारा तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, इसके बावजूद किसान आत्मघाती कदम उठाने से नहीं चूक रहे हैं। शनिवार को मंदसौर में एक किसान ने जहर पीकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली थी। वहीं प्रदेश के गृह मंत्री भूपेन्द्र सिंह गृह जिले सागर के एक गांव में एक किसान द्वारा ट्रेन के सामने कूदकर जान देने का मामला सामने आया।

जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के सेमराहाट थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम खुरई के किसान प्रेमलाल अहिरवार (24) ने खुरई के सिलौधा के पास ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि उस पर कर्ज था, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। मौके पर पहुंची रेलवे पुलिस ने मृतक किसान की तलाशी ली, तो उसकी जेब से 30 हजार रुपये की देनदारियों की पर्ची और चूहा मार दवा मिली है। आशंका जताई जा रही है कि प्रेमलाल ने ट्रेन के सामने आत्महत्या करने से पहले चूहा मार दवा खा ली थी। हालांकि, यह घटना शनिवार शाम की है, लेकिन स्थानीय पुलिस ने मामला रविवार को दर्ज किया। जीआरपी थाना प्रभारी अनिल मरावी ने बताया कि मामला खुरई थाना ट्रांसफर किया और मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। आगे की कार्रवाई खुरई पुलिस द्वारा की जा रही है।

मृतक किसान के भाई हेमराज अहिरवार ने बताया कि प्रेमलाल ने अपनी डेढ़ एकड़ जमीन साहूकार के पास गिरवी रखकर ढाई लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसके अलावा गांव के अन्य लोगों से भी उसने कर्ज ले रखा था, लेकिन वह यह कर्ज चुका नहीं पा रहा था, क्योंकि क्षेत्र में मौसम की मार के चलते बीते दो साल से फसलें खराब हो गई, जिसका मुआवजा भी न के बराबर मिला। ऐसे में कर्ज चुकाना तो दूर, परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा था। वहीं, कर्जदार लगातार दबाव बना रहे थे, जिससे प्रेमलाल कुछ दिनों से परेशान रहने लगा और उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

इससे पहले, शनिवार को ही मंदसौर जिले के संजीत रोड स्थित ग्राम दौरवाड़ी में किसान लक्ष्मणसिंह पिता रामसिंह सौंधिया राजपूत (45) ने सल्फास खाकर आत्महत्या की थी। उसके पास नौ पेज का सुसाइट नोट पुलिस को मिला था, जिसमें उसने मंदसौर के दो साहूकारों का जिक्र करते हुए कुछ कर्ज के बदले लगभग 14.60 लाख रुपये वसूलने का हवाला दिया था।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार को लक्ष्मण सिंह ने सल्फास खाकर आत्महत्या की कोशिश की थी, उसे परिजन जिला अस्पताल ले गए और वहां से रेफर होने के बाद उदयपुर के अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां शनिवार की रात उसने दम तोड़ दिया। मृतक के परिजनों ने बताया कि लक्ष्मणसिंह पर एफडीएससी में 5 लाख का कर्ज था। एल एंड टी फाइनेंस कंपनी से ट्रैक्टर पर 2.97 लाख रुपये का कर्ज लिया था। वहीं सोसायटी से भी करीब डेढ़ का कर्ज ले रखा था, जिसे वह चुका नहीं पा रहा था, इसीलिए उसने सल्फास खाकर अपनी जान दे दी।

इससे पहले भी प्रदेश में बीते एक महीने में करीब दो दर्जन किसान आत्महत्या कर चुके हैं। मुख्यमंत्री के गृह जिले सीहोर समेत होशंगाबाद, धार, झाबुआ, नरसिंहपुर, बालाघाट आदि जगह से पिछले दिनों किसान आत्महत्याओं की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरीं।जिससे राजनीति करने वालों को एक बड़ा मुद्दा मिल गया और सरकार पर लगातार हमले जारी है।

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