सौ पुत्रों के समान होता है एक वृक्ष : मंत्री चिटनीस
By dsp bpl On 30 Jun, 2017 At 04:18 PM | Categorized As मध्यप्रदेश | With 0 Comments

नीमच। जिले में ‘‘ताप्ती सेवा प्रकल्प‘‘ लेते हुए शुक्रवार को प्रदेश सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने ग्राम अम्बाड़ा में माँ ताप्ती नदी की विधिवत पूजा कर ताप्ती नदी किनारे त्रिवेणी रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक वृक्ष सौ पुत्रों के समान होता हैं, जो हमें छोटा रहते हुए ऑक्सीजन तो देता है, बड़ा होने पर फल देता है। इसके अलावा वही वृक्ष विशाल आकार लेने के बाद छाया देने के साथ-साथ हमें लकड़ी भी देता है।

मंत्री श्रीमती चिटनीस ने कहा कि जब भी पौधा लगाएं, तो मटका टपक पद्धति से पौधारोपण करें, क्योंकि हमें जिस प्रकार ठंडक पसंद होती है, वैसे ही पौधों को भी ठंडक पसंद होती है। इस नमी के कारण पौधों में दोगुनी वृद्धि होती हैं। यदि मटका छोटा है तो उसमें सप्ताह में एक बार पानी डाले और बड़ा हुआ तो 15 दिवस में एक बार पानी भरकर उसें ढंक दें। किसानों को अपने-अपने खेत की मेढ़ पर पौधे लगाने हेतु प्रेरित किया जाए।

उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसान अपने खेत की मेढ़ पर एक हजार पौधे लगाता है तो उसे शासन द्वारा तीन वर्षो में 1 लाख 84 रूपये का अनुदान दिया जायेगा। ऐसा करने से खेती की मिट्टी खेत में और खेत से व्यर्थ में पानी बाहर नही जायेगा। उन्होंने किसान भाईयों से आव्हान किया कि, नान बीटी कॉटन (देशी बीज) का बीज अपने खेतो में लगायें। साथ ही अपने ही खेत में फसलों से प्राप्त बीजों का उपयोग अगली फसल के लिये करें। इससे उन्हें बाजार से बीज नहीं खरीदना पड़ेगा और इससे पैसे की भी बचत होगी। किसान आधुनिक खेती पद्धति के अलावा परम्परागत खेती में उपयोगी पद्धति को भी बनायें रखें।

उन्होंने पटवारियों को निर्देशित किया कि, शासकीय भूमि को चिन्हित करें, ताकि वहां पर पौधारोपण का कार्य किया जा सकें। सचिव को निर्देश दिये कि, पौधों देखभाल करने लिये अधिक से अधिक पौधरक्षक तैयार करें। पौधरक्षकों को शासन द्वारा सवा तीन लाख रूपये तीन वर्ष तक पौधों को जीवित रखने पर मानदेय दिया जायेंगा। इससे मेहनती युवाओं को घर बैठे रोजगार का अवसर प्राप्त होगा। इस अवसर पर ग्रामीणों को अपने-अपने आंगन और आसपास पौधों का वितरण भी किया गया।

कलेक्टर दीपक सिंह ने कहा कि, ताप्ती का जल हमेशा स्वच्छ बहता रहें। इसके लिये हमें ताप्ती किनारे के क्षेत्रान्तर्गत ग्रामों में अधिक से अधिक पौधारोपण के इस पुण्य के कार्य में आगे आना चाहिए। उन्होंने बताया कि ताप्ती बेसिन के तहत 36 ग्रामों में 65 हजार पौधों का रोपण किया जाना हैं।

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