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बरेली हादसा: मुख्यमंत्री ने की दो-दो लाख के मुआवजे की घोषणा

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बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली में बड़ा बाईपास पर रोडवेज की बस हादसे में मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो-दो लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की घोषणा की है। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपए तथा मामूली रूप से घायल हुए लोगों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की घोषणा की गई है। उधर जिला प्रशासन ने दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जो इस प्रकार है- 0581 -2473303 और 058-2427043।

उल्लेखनीय है कि हादसा बिथरीचैनपुर थाना इलाके में हुआ। यहां एनएच 24 पर रोडवेज बस दिल्ली से गोण्डा के लिए जा रही थी। इस दौरान बस गलत दिशा में आकर ट्रक से टकरा गई। टक्कर होते ही रोडवेज बस का डीजल टैंक फट गया, जिससे बस में आग लग गई।

बता दें कि बस में आग लगने के बाद कुछ लोगों ने खिड़की तोड़कर भागने की कोशिश की। उनकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो रोडवेज बस में आगे की तरफ दरवाजे से निकलने के लिए लोग भागे लेकिन गैलरी और दरवाजे से आगे आग की लपटों ने उन्हें जाने नहीं दिया। उनकी लाशें बस की गैलरी और दरवाजे तक बिछ गई है। चेहरे पहचाने नहीं जा रहे हैं।

बस कंडक्टर फारूखी ने बताया कि गाड़ी में 37 यात्री सवार थे। 13 घायल अस्पताल लाए गए हैं। बाकी 24 यात्रियों की बस में जलकर मौत होने की आशंका है। घायलों में कुछ की हालत नाजुक है।

रोडवेज बस का ड्राइवर सुंदरलाल और हेल्पर दोनों हादसे में बच गए हैं। झुलसे होने की वजह से उन्हें एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुंदरलाल ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह रामपुर के पास सो गया था। बस उसका हेल्पर चला रहा था। इस वजह से उसे हादसे की जानकारी नहीं है।

पुलिस लाइन से मंगाए गए कॉफिन बॉक्स

आईजी एसके भगत के निर्देश पर एसएसपी ने पुलिस लाइन से कॉफिन बॉक्स मंगवाए। इसके बाद जले हुए शवों को कॉफिन बॉक्स में रखवा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

डीएनए से होगी मारे गए लोगों की पहचान

बस में जितने भी शव जले हैं। किसी की भी पहचान करना मुश्किल है। शव बुरी तरह से झुलसकर पुतलों में बदल गए हैं। आईजी एसके भगत ने बताया कि शवों का डीएनए कराया जाएगा। डीएनए टेस्ट से ही उनकी पहचान हो सकेगी।

यात्रियों का काल बन गया बस का गेट

रोडवेज बस में बना गेट यात्रियों का काल बन गया। हादसे के बाद आग लगते ही यात्री दौड़ पड़े लेकिन गेट एक होने की वजह से वहां फंस गए। इसी दौरान आग की लपटों ने पूरे बस को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद बस की खिड़कियों के शीशे और बॉडी पिघलकर यात्रियों पर ही गिरने लगी। चीखों से हाईवे गूंज उठा लेकिन उन्हें बचाने वाला कोई नहीं था। लोगों ने जब चलती हुई बस को हाईवे पर देखा तो हड़कंप मच गया। इसके बाद फौरन मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग को काबू किया।

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