वेदांती बोले, मैंने तुड़वाया खंडहर मंदिर, आडवाणी निर्दोष
By dsp bpl On 30 May, 2017 At 05:57 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

लखनऊ। अयोध्या में विवादित ढांचा ढ़हाए जाने के मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई की विशेष अदालत में आज यहां शामिल होने आए राम विलास वेदांती ने कहा, मैंने 06 दिसम्बर 1992 को खंडहर मन्दिर को तुड़वाया है। वहां न कोई मस्जिद थी और न कुआं था। वहां देवी-देवताओं के चिन्ह मौजूद थे। उन्होंने कहा कि आडवाणी जी निर्दोष हैं। उन्होंने लोगों से कहा था कि ढांचे से नीचे जाइए। वेदांती ने कहा कि हमने कारसेवकों को ललकार कर ढांचा ध्वस्त करवाया। कारसेवकों को लगा कि जब तक ढांचा नहीं गिरेगा तब तक भव्य मंदिर नहीं बन पाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि योगी-मोदी मिलकर अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करेंगे और अगर उन्हें आजीवन जेल भी जाना पड़े तो उसके लिए भी तैयार हैं लेकिन राम मंदिर जरूर बनेगा। सीबीआई कोर्ट के बाहर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए गए हैं।

बाबर का भारत से कोई लेना-देना नहीं था: साक्षी महाराज

उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण को लेकर बेहद आश्वस्त हैं। लखनऊ में सीबीआई कोर्ट के बाहर उन्होंने कहा कि वह कोर्ट में सिर्फ राम मंदिर के निर्माण की बात करेंगे। सीबीआई की विशेष अदालत में पहुंचे भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कोर्ट के बाहर कहा कि बाबर का भारत से कोई लेना-देना नहीं था। बेकार में मीडिया बार-बार वहां की इमारत को बाबरी मस्जिद कह रही है। मीडिया को अब बाबरी कहने से बचना चाहिए। अयोध्या में तो रामजन्म भूमि है। वहां पर पुराना मंदिर था, उसी को गिराकर अब भव्य राम मंदिर बनेगा। उन्होंने कहा कि मैं भी कोर्ट में सिर्फ राम मंदिर निर्माण की ही बात करुंगा। नया मंदिर बनाने के लिए पुराने को गिराना पुण्य का काम किया गया है।

गेस्ट हाउस में मिले आडवाणी, जोशी, उमा और योगी

अयोध्या के विवादित ढांचा ध्वंस की सुनवाई के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत में पेश होने आये भाजपा केे वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी व पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुलाकात की। इन नेताओं के बीच मुलाकात लखनऊ के वीवीआइपी गेस्ट हाउस में हुई। आडवाणी के साथ उनकी बेटी प्रतिभा आडवाणी भी आई हैं। इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री उमा भारती भी गेस्ट हाउस पहुंची। उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई साजिश नहीं थी। एक खुला आन्दोलन था। कोर्ट का सम्मान करती हूं इसलिए पेश होने जा रही हूं।

ढांचा विध्वंस मामले में कोई मलाल नहीं: कटियार

वहीं वीवीआईपी गेस्ट हाउस में सांसद विनय कटियार ने कहा उन्हें ढांचा विध्वंस मामले में कोई मलाल नहीं है। लाखों राम भक्तों की इच्छा थी वहां भव्य राम मंदिर बने और खंडहर ढांचा ध्वंस हो, इसलिए ऐसा हुआ। इसे लेकर हाई कोर्ट ने भी कह दिया है कि वह रामलला का स्थान है। फिर केस किस बात का। उस वक्त लाखों लोग वहां मौजूद थे तो फिर साजिश कैसी।
इससे पहले हुई सुनवाई में सीबीआई की विशेष अदालत ने महन्त नृत्य गोपाल दास, राम विलास वेदान्ती, बैकुण्ठ लाल शर्मा उर्फ प्रेमजी, चम्पत राय बंसल, धर्मदास और डॉ. सतीश प्रधान के खिलाफ आरोप तय करने की तारीख 25 मई से बढ़ाकर 30 मई कर दी गई थी।

सुनवाई के दौरान डॉ. सतीश प्रधान अदालत में मौजूद थे और चाहते थे कि उनके खिलाफ आरोप उसी समय तय हो जाएं लेकिन विशेष सीबीआई न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार यादव ने कहा था कि उन्हें छोड़कर मामले के पांच अन्य आरोपी उपस्थित नहीं हैं और इन सभी ने 25 मई को पेशी से छूट मांगी थी। ऐसे में प्रधान अकेले के खिलाफ आरोप तय करना संभव नहीं होगा। मामले की सुनवाई 30 मई तय करते हुए अदालत ने छह आरोपियों को आगाह किया कि अब सुनवाई की अगली तारीख पर कोई छूट नहीं मिलेगी।

इससे पहले 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ ट्रायल चलाने के आदेश दिए थे। सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि इन सभी के खिलाफ अपराधिक साजिश की धारा के तहत ट्रायल चलाया जाए। पहले यह मुकदमा रायबरेली कोर्ट में चल रहा था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर इसे लखनऊ सीबीआई कोर्ट में ट्रांसफर किया गया। सर्वोच्च अदालत ने इस अवधि में ट्रायल जज का ट्रांसफर नहीं करने करने का भी आदेश दिया है।

गौरतलब है कि 06 दिसम्बर, 1992 को विवादित ढांचा ढंहाए जाने के मामले में दो एफआईआर दर्ज हुई थी। एक एफआईआर फैजाबाद के थाना रामजन्म भूमि में एसओ प्रियवंदा नाथ शुक्ला जबकि दूसरी एसआई गंगा प्रसाद तिवारी ने दर्ज कराई थी। सीबीआई ने जांच के बाद इस मामले में कुल 49 आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था। जिसमें 13 आरोपियों को अदालत ने आरोप के स्तर पर ही डिस्चार्ज कर दिया था। सीबीआई की ओर से इस आदेश को पहले हाईकोर्ट व बाद में सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।

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