एक ही मंडप में हुआ 2400 कन्याओं का विवाह, सीएम ने दिया आशीर्वाद
By dsp bpl On 23 May, 2017 At 01:12 PM | Categorized As मध्यप्रदेश | With 0 Comments

सिंगरौली। सिंगरौली जिले के बैढ़न नगर में सोमवार शाम को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत एक विशाल आयोजन में मध्यप्रदेश में रिकॉर्ड कायम किया है। इस समारोह में 2400 कन्याओं का विवाह एक ही मंडप में हुआ, जिसमें 200 निकाह भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए और वर-वधुओं को आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 15 मई को अमरकंटक में नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा के पूर्णता के अवसर पर महाकुम्भ हुआ था। आज 2400 बेटियों के विवाह का महाकुम्भ सिंगरौली में हुआ है। दोनों महाकुम्भ भव्य, पवित्र और अद्भुत रहे हैं। गरीब परिवार की बेटियों के लिए इस विवाह महाकुम्भ से हर व्यक्ति को प्रेरणा लेकर गरीब बेटियों की सुखमय जीवन के लिए सामूहिक प्रयास कर ऐसे आयोजन करने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 मई को अरमकंटक के महाकुम्भ में प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी भी शामिल हुए थे। प्रधानमंत्री नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा के उद्देश्य की पूर्णता और जन सहयोग से गदगद और प्रसन्न हुए थे। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी के प्रवाह को अविरल बनाए रखने और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए नमामि देवी नर्मदे सेवा यात्रा ने बड़े जन-आन्दोलन का रूप लिया है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश की प्रत्येक नदी को बचाना एवं संरक्षित करना है। अत: किसी भी नदी में मशीनों के माध्यम से उत्खनन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि आज 2400 कन्याओं का सामूहिक विवाह प्रेरणास्पद है। गरीब कन्याओं के विवाह के अवसर पर इतना भव्य और अदभुत आयोजन वर-वधू के साथ उनके परिवारजनों को खुशी और आनन्द से भर देता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जब वे विधायक थे और भ्रमण में एक गांव पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनसे बिना माता-पिता की गरीब कन्या के विवाह के लिए शासन की मदद दिलाने की मांग की थी। तब शासन की कन्या विवाह योजना नहीं थी। ऐसी स्थिति में मैने स्वयं उस कन्या का विवाह करवाया। कन्या के पैर पूजे। यह बात 1991 की है। उसके बाद मैने संकल्प किया कि अब गरीब कन्याओं का यथासम्भव विवाह करवाऊंगा। संसद सदस्य बनने के बाद भी क्रम जारी रहा। सांसद रहते जो भत्ता मिलता था उससे गरीब कन्याओं का विवाह कराता रहा। वर्ष 2005 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने 2006 में प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना लागू की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कन्या विवाह में कन्या को 17 हजार रुपये नगद जो कि कन्या के बैक खाते में जमा होगें, शासन द्वारा दिए गए हैं। पांच हजार का गृहस्थी का सामान दिया जा रहा है और तीन हजार रुपये स्मार्टफोन के लिए दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत हर कन्या को घरेलू गैस कनेक्शन दिया जा रहा है। उन्होंने सभी बेटी और दामाद को प्रसन्नता, समृद्धि और खुशहाल जीवन का आशीर्वाद दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां मां बेटी बहन का सम्मान होता है, वहीं समृद्धि रहती है और ईश्वर का बास होता है। मुख्यमंत्री ने बताया वे गत दिवस बैतूल यात्रा के दौरान एक आदिवासी परिवार के घर गए थे। मेहमानों के पैर धोने आई कन्या से उन्होंने पैर नहीं धुलवाएं। स्वयं कन्या के पैर धोए और पवित्र जल को माथे से लगाया। उन्होंने कहा कि हम सबको बेटी का सम्मान करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शालाओं और आश्रमों में सभी जरूरी सुविधाएं पूरी की जाएंगी। महाविद्यालय की मांग पूर्ण होगी। शालाओं का नियमानुसार उन्नयन होगा। मोरवा नगर को कोयला खनन के लिए उजड़ने नहीं दिया जाएगा। भारत सरकार से इस विषय में चर्चा की जाएगी।

मुख्यमत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच में आते ही स्वागत करने की घोषणा की गई लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं घराती हूं। अत: मेरा नहीं बल्कि बारात का स्वागत किए जाये। स्वागत गीत के लिए जो बेटियां खड़ी हुईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मेरे स्वागत में गीत न गाकर मेरी भान्जियों के स्वागत एवं विवाह गीत गाओ। गीत गाने वाली कन्याओं को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 25 हजार रुपये का चेक प्रदान किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने वर-वधू को आशीर्वाद प्रदान किया।

Leave a comment

XHTML: You can use these tags: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>