किसान कल्याण योजनाओं का क्रियान्वयन में सहयोग करे बिहार सरकार : राधामोहन सिंह
By dsp bpl On 17 May, 2017 At 04:33 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

radhmohanपटना । बिहार में कृषि एवं किसान कल्याण योजनाओं के मामले में राज्य सरकार पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाते हुए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने कहा कि राज्य सरकार को योजनाओं में रूकावट डालने की बजाए गांधी के आदर्शों पर चलते हुए किसान हित में चलायी जा रही मोदी सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन करना चाहिए। राधामोहन सिंह ने कहा कि चम्पारण सत्याग्रह वास्तव में चम्पारण के किसानों पर विदेशियों द्वारा ढाए जा रहे जुल्मों से मुक्ति का आंदोलन था। बिहार एवं मुख्य रूप से चम्पारण के किसान इस बात से आशान्वित हैं कि उनका कल्याण होगा।

बिहार की नीतीश कुमार नीत महागठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आज जरूरत इस बात की है कि हम सिर्फ गांधी जी को श्रद्धांजलि देने तक ही सीमित नहीं रहें बल्कि बिहार के किसानों के कल्याण के लिए कार्यांजलि अर्पित करें।

कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि गांव और किसानों को समर्पित मोदी सरकार ने पिछले तीन वर्षों में बिहार को कृषि एवं किसान कल्याण के लिए काफी धनराशि प्रदान की लेकिन प्रदेश सरकार ने उसे पूरा खर्च नहीं किया। इसके अलावा नारियल विकास बोर्ड का क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित करने का कार्य रोक दिया गया जबकि उद्यान एवं वानिकी कालेज तथा पशु चिकित्सा एवं मत्स्यिकी कालेज स्थापित करने को मंजूरी दिये जाने के बावजूद इनके लिए भूमि आवंटित नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने बीज उत्पादन केंद्र, टिशू कल्चर का लैब स्थापित करने के लिए जमीन अभी तक नहीं दी। राज्य में छह नये कृषि विज्ञान केंद्र खोले जाने हैं लेकिन इसके लिए अभी तक भूमि का आवंटन नहीं किया गया है।

कृषि मंत्री ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार डेयरी विकास योजना में भी रूकावट डाल रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारत सरकार ने दो वर्ष पहले बिहार राज्य के अंतर्गत मगध एवं सारण में कृषि कालेज, मोतिहारी में उद्यान एवं वानिकी कालेज तथा मधुबनी में पशु चिकित्सा एवं मत्स्यिकी कालेज को स्वीकृति दी।

कृषि मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य में छह नये कृषि विज्ञान केंद्र खोले जाने हैं जिसके लिए राज्य सरकार से भूमि आवंटन की मांग की गई है। इन्हें मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, पश्चिमी चंपारण, समस्तीपुर, गया में खोला जाना है। अभी तक भूमि आवंटित नहीं हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार में 11 मछली बाजार खोलने की स्वीकृति भी दी गई है।

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