सरसों हो सकती है पहली जीएम फसल
By dsp bpl On 12 May, 2017 At 11:51 AM | Categorized As भारत, व्यापार | With 0 Comments

MUSTRD3भारत के जीएम फसलों के नियामक ने पर्यावरण मंत्रालय को दी गई एक प्रस्तुति में जीन संवर्धित सरसों के वाणिज्यिक उपयोग की सिफारिश की है। हालांकि आरएसएस से संबद्ध निकाय सहित कई संगठनों से इस पर एतराज जताया है।

जीएम फसलों के मूल्यांकन करने का काम पाने वाले जेनेटिक इंजीनियरिंग एप्राइजल समिति (जीईएसी) ने अपनी प्रस्तुति में इसके लिए सकारात्मक सिफारिश दी है। जीईएसी ने मंत्रालय को इसके व्यवसायिक इस्तेमाल की सिफारिश करते हुए कई सारी शर्तों को भी रखा है। पर्यावरण मंत्रालय के तहत आने वाले जीईएसी ने सुरक्षा पहलुओं की जांच करने के लिए गठित की गई एक उपसमिति की रिपोर्ट की समीक्षा की। अब पर्यावरण मंत्रालय को इस बारे में अंतिम फैसला करना है।

आरएसएस से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच ने इस कदम की आलोचना की है। संगठन का कहना है कि जीएम सरसों के वाणिज्यिक उपयोग को मंजूरी देने का असर कृषि से जुड़ी गतिविधियों पर पड़ेगा।

वहीं जीएम विरोधी संगठनों का तर्क है कि जीएम सरसों के वाणिज्यिक उपयोग को मंजूरी दे कर जीईएसी ने यह दोबारा सिद्ध किया है कि इसका रवैया नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए अवैज्ञानिक और बेपरवाह है। पर्यावरण कार्यकर्ता वंदना शिवा ने भी जीएम सरसों का विरोध किया है।

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