दिल्ली डेयरडेविल्स की जीत में चमके पंत और सैमसन
By dsp bpl On 5 May, 2017 At 12:49 PM | Categorized As खेल | With 0 Comments

नयी दिल्ली। देश के युवा बल्लेबाजों रिषभ पंत और संजू सैमसन के बीच फिरोजशाह कोटला में छक्के जड़ने को लेकर छिड़ी रोचक जंग से दिल्ली डेयरडेविल्स ने गुजरात लायन्स को 15 गेंद शेष रहते हुए सात विकेट से हराकर आईपीएल दस के प्लेआफ में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को पंख लगाये। इस हार से लायन्स प्लेआफ की दौड़ से बाहर हो गया है। पंत और सैमसन ने कोटला की बल्लेबाजी के लिये अनुकूल पिच पर छक्कों की झड़ी लगा दी थी जिससे दिल्ली ने 209 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 17–3 ओवर में तीन विकेट पर 214 रन बनाकर अपनी कुल पांचवीं जीत दर्ज की। पंत ने 43 गेंदों पर छह चौकों और नौ छक्कों की मदद से 97 रन बनाये जबकि सैमसन ने 31 गेंदों पर 61 रन की पारी खेली जिसमें सात छक्के शामिल हैं। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिये 63 गेंदों पर 143 रन की साझेदारी करके सुरेश रैना और दिनेश कार्तिक के बीच शतकीय साझेदारी को बौना बना दिया। रैना ने 43 गेंदों पर पांच चौकों और चार छक्कों की मदद से 77 रन जबकि कार्तिक ने 34 गेंदों पर पांच चौकों और इतने ही छक्कों की बदौलत 65 रन बनाये। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिये 133 रन की साझेदारी की। दिल्ली ने आखिरी छह ओवरों में केवल 50 रन दिये लेकिन इसके बावजूद लायन्स सात विकेट पर 208 रन पर पहुंचने में सफल रहा।दिल्ली ने इस तरह से आईपीएल के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने का रिकार्ड बनाया। इससे पहले राजस्थान रायल्स ने 2008 में डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ हैदराबाद में 215 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सात विकेट पर 217 रन बनाये थे। इस जीत से दिल्ली के दस मैचों में दस अंक हो गये हैं जबकि लायन्स के 11 मैचों में छह अंक हैं और वह नाकआउट की दौड़ से बाहर हो गया है।

फिरोजशाह कोटला में ऐसा समां बंध गया था मानो इन दोनों के बीच खुद को एक दूसरे से बेहतर साबित करने की जंग चल रही हो। दोनों लगभग समान स्ट्राइक रेट से अपना स्कोर आगे बढ़ा रहे थे। रैना के दो ओवरों में दो छक्के जड़कर पंत आगे निकल गये। इनमें से मिडविकेट पर जमाये गये दूसरे छक्के से उन्होंने केवल 27 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। सैमसन भला कहां चुप रहने वाले थे। उन्होंने लेग स्पिनर अंकित सोनी की दो गेंदों को छह रन के लिये भेजकर अपना स्ट्राइक रेट 200 के पार पहुंचा दिया। दस ओवर के बाद स्कोर पांच विकेट पर 113 रन था और इन दोनों के नाम पर तब पांच-पांच छक्के दर्ज थे। छक्के जड़ने की होड़ आगे भी बदस्तूर जारी रही। पंत ने जेम्स फाकनर के एक ओवर में तीन गगनदायी छक्के लगाये तो सैमसन ने अगले ओवर में रविंद्र जडेजा की लगातार दो गेंदों को छह रन के लिये भेजा और इस तरह से 24 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। सैमसन ने जडेजा के अगले ओवर में हवा में लहराता कैच थमाया। दिल्ली के दर्शकों का दिल हालांकि तब टूटा जब पंत ने थम्पी की आफ स्टंप से बाहर जाती गेंद पर बल्ला अड़ा दिया और कार्तिक ने विकेट के पीछे कैच लेने में कोई गलती नहीं की। पंत तब टी20 में अपने पहले शतक से केवल तीन रन दूर थे। विरोधी कप्तान रैना ने भी उनका दर्द समझा और उन्हें सांत्वना दी।

इससे पहले टास गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी के लिये उतरे लायन्स ने अपने दोनों सलामी बल्लेबाज दस रन के अंदर गंवा दिये थे लेकिन इसके बाद रैना और कार्तिक ने लंबे शाट खेलने के अपने कौशल का जानदार नमूना पेश करके दिल्ली के आक्रमण को पूरी तरह से कुंद कर दिया था। दिल्ली को लचर क्षेत्ररक्षण का खामियाजा भी भुगतना पड़ा। रैना को ही दो और 40 रन के निजी योग पर जीवनदान मिला। ब्रैंडन मैकुलम (एक) और ड्वेन स्मिथ (नौ) के दूसरे ओवर की पहली दो गेंदों पर पवेलियन लौटने के बावजूद रैना ने लंबे शाट खेलना नहीं छोड़ा। कैगिसो रबाडा के इस ओवर में बायें हाथ के इस बल्लेबाज को श्रेयस अय्यर ने जबकि पावरप्ले के तुरंत बाद मोहम्मद शमी की गेंद पर मलरेन सैमुअल्स ने उनके आसान कैच छोड़े थे। ये दो अवसर छोड़ दिये जाएं तो 14 ओवर तक रैना और कार्तिक के करामाती शाट का दिलकश नजारा देखने को मिला। रैना ने पावरप्ले में लगातार गेंदें हवा में लहरायी लेकिन ये सभी शाट खाली जगहों को ध्यान में रखकर लगाये गये थे। मोहम्मद शमी पर छक्का और दो चौके तथा रबाडा पर लगाया गया छक्का इसी का परिणाम थे। कार्तिक का अमित मिश्रा के पहले ओवर में मिडविकेट पर लगाया गया उनका छक्का दर्शनीय था। रैना ने 32 गेंदों पर अर्धशतक पूरा करने के बाद सैमुअल्स पर मिडविकेट और गेंदबाज के सिर के ऊपर से दो दिलकश छक्के लगाकर डेयरडेविल्स के धुर प्रशंसक को भी तालियां बजाने के लिये मजबूर किया। रैना आखिर में रबाडा के शानदार थ्रो पर रन आउट होकर पवेलियन लौटे। कार्तिक ने इस बीच शाहबाज नदीम, कोरे एंडरसन और शमी पर छक्के लगाये। एंडरसन ने अपने बायें हाथ से बेहतरीन कैच लेकर उनकी पारी का अंत कर दिया। इसके बाद एकदम से पासा पलट गया और दिल्ली के गेंदबाजों की तूती बोलने लगी। क्षेत्ररक्षकों ने भी सुधरा प्रदर्शन किया। अय्यर और पंत ने जिस तरह से दौड़ लगाकर कैच लिये वह इसका सबूत था। इनमें आरोन फिंच का कैच भी शामिल था जिन्होंने 27 रन बनाये। एंडरसन का आखिरी ओवर महंगा साबित हुआ जिसकी आखिरी दो गेंदों पर रविंद्र जडेजा (नाबाद 18) ने छक्के लगाये। दिल्ली की तरफ से कमिन्स और रबाडा ने दो-दो विकेट लिये।

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