जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक आयोग बनाने पर केंद्र ने मांगा समय
By dsp bpl On 1 May, 2017 At 12:57 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक आयोग बनाने की मांग करनेवाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बैठक हुई है । लेकिन कुछ और समय की जरूरत है क्योंकि इसके लिए उच्च प्राधिकार के हस्तक्षेप की आवश्यकता है। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस पर अगली सुनवाई 31 जुलाई को करने का फैसला किया।

पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से कहा था कि वे इसका हल निकालें। याचिकाकर्ता अंकुर शर्मा ने याचिका दायर कर मांग की है कि राज्य में अल्पसंख्यक आयोग का गठन किया जाए ताकि राज्य से अल्पसंख्यकों के धार्मिक और भाषायी हित सुरक्षित रहें। याचिका में कहा गया है कि राज्य में करोड़ों रुपये अल्पसंख्यकों के नाम पर खर्च हो रहे हैं । राज्य में मुस्लिमों को अल्पसंख्यक का दर्जा दिया गया है लेकिन 2011 की जनगणना के मुताबिक राज्य में मुस्लिमों की आबादी 68.31 फीसदी है ।

याचिका का जम्मू-कश्मीर की सरकार ने विरोध करते हुए कहा था कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग एक्ट 1992 को जम्मू-कश्मीर में लागू नहीं करने का ये मतलब नहीं है कि वहां के अल्पसंख्यकों को सुविधाएं नहीं मिलेंगी। राज्य सरकार ने दलील दी थी कि कोर्ट किसी खास मसले पर कानून बनाने के लिए निर्देश नहीं दे सकती है।

आपको बता दें कि पिछले 6 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने हलफनामा दायर नहीं करने पर केंद्र सरकार पर तीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया था। चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे तुषार मेहता से कहा था कि अधिकतर मामलों में आपका रुख ऐसा ही रहता है।

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