उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षण पर ट्रंप ने जताया रोष
By dsp bpl On 29 Apr, 2017 At 04:24 PM | Categorized As विश्व | With 0 Comments

लास एंजेल्स। अमेरिका और उत्तर कोरिया परमाणु युद्ध की अशंकाओं को ले कर आमने सामने आ गए हैं। उत्तर कोरिया ने शनिवार को तड़के मिसाइल परीक्षण किया, जो उत्तर पूर्व में 44 मील दूर हवा में कुछ मिनटों के बाद ही फुस्स हो गई। इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीटर पर रोष व्यक्त करते हुए कहा है कि उत्तरी कोरिया ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के संयम बरतने की सलाह ना मान कर उनकी भावनाओं का अनादर किया है। यह बहुत बुरा हुआ।

ट्रंप ह्वाइट हाउस में नहीं थे। मिसाइल परीक्षण के तुरंत बाद उन्हें सूचित किया गया। वह एटलांटा (जार्जिया ) गए हुए थे, जहां उन्हें नेशनल राइफल एसोसिएशन की सालाना बैठक को संबोधित करना था। बहरहाल अमेरिका इस बात की खोज में लगा है कि इस महीने दो बार मिसाइल परीक्षणों की असफलता का क्या कारण रहा है। इस पर विचार किया जा रहा है कि इसे इंजीनियरिंग असफलता, मानवीय शरारत अथवा संयोग में से क्या माना जाए।

उधर न्यूयार्क में इस मिसाइल परीक्षण से कुछ घंटे पहले सुरक्षा परिषद की मंत्री स्तरीय बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने मौजूदा स्थिति पर कड़ी प्रतिक्रिया हिर करते हुए कहा था कि कूटनीति असफल होती है तो अमेरिका के पास सभी विकल्प खुले हैं। इसके लिए उन्होंने उत्तरी कोरिया के मददगारों के खिलाफ भी कड़े अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए जाने पर जोर दिया था। उन्होंने मांग की कि वार्ता से पूर्व यह जरूरी है कि उत्तर कोरिया अपने अवैध परमाणु हथियारों को नष्ट करे और यह गारंटी दे कि वह अमेरिका तथा उनके मित्र देशों की ओर कभी आणविक हथियारों का रुख नहीं करेगा। ध्यान रहे कि उत्तरी कोरिया चीन को करीब करोड़ों डाॅलर मूल्य का कोयला निर्यात करता रहा है, जिससे वह मिसाइलें और आणविक हथियार बना पाने में सक्षम रहा है। अब चीन ने उत्तर कोरिया से अपनी स्टील फेक्ट्रियों के लिए कोयले का आयात बंद कर दिया है।

अमेरिकी प्रशांत महासागर कमांड के प्रवक्ता ने मिसाइल परीक्षण की जानकारी देते हुए इस बात की पुष्टि की है कि मिसाइल परीक्षण प्योंगयोंग के निकट स्थानीय समय के अनुसार सुबह साढ़े चार बजे पुकचांग से किया गया था। इससे अमेरिका को कोई खतरा नहीं है। उत्तर कोरिया ने इससे पहले 16 अप्रैल को भी मिसाइल परीक्षण किया था, जो कुछ दूरी पर जाने के बाद फुस्स हो गया था। उत्तरी कोरिया ने फरवरी में एक बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद 6 मार्च को एक साथ चार अंतर महाद्वीपीय मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया था। इन मिसाइलों को परमाणु आयुध ले जाने की क्षमता होने के कयास लगाए गए थे। इसे पुकसुकसोंग-2 का नाम दिया गया था। इसके बाद अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच शीत युध शुरू हो गया है।

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