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बाबरी विध्वंस मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला

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नई दिल्ली। बाबरी विध्वंस मामले में सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) बुधवार को फैसला सुनाएगा। पिछले छह अप्रैल को कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुप्रीम कोर्ट की कॉज लिस्ट के मुताबिक जस्टिस आर.एफ. नरीमन इस मसले पर सुबह साढ़े दस बजे फैसला सुनाएंगे।

बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा था कि सभी चौदह आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने की धाराएं हटा दी गई हैं। हम चाहते हैं कि उन धाराओं को फिर से लगाया जाए। सीबीआई ने कहा कि उन्हें छोड़ा नहीं जा सकता है। सीबीआई और सीआईडी ने अलग-अलग जांच की लेकिन किसी में आपराधिक साजिश रचने की धाराएं नहीं लगाई हैं। सीबीआई ने कहा कि एक मामला रायबरेली में चल रहा है जबकि दूसरा लखनऊ में। सीबीआई वकील ने कोर्ट को बताया था कि लखनऊ ट्रायल कोर्ट में 195 गवाहों के बयान दर्ज हो चुके हैं और करीब 500 और के होने बाकी हैं। वहीं, रायबरेली के अदालत में 57 गवाहों के बयान हो गए हैं, जबकि 100 से ज्यादा के लंबित हैं।

बीजेपी नेताओं की तरफ से वकील केके वेणुगोपाल ने कहा था कि अगर केस लखनऊ ट्रांसफर किया जाता है हमारे अधिकारों का उल्लंघन होगा और अधिकारों का उल्लंघन कर न्याय तक नहीं पहुंचा जा सकता है। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील और कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने एमिकस क्यूरी यानि न्याय मित्र बनने का ऑफर किया था जिसका वेणुगोपाल ने ये कहते हुए विरोध किया कि वे कांग्रेस के नेता हैं और राजनीतिक फायदे के लिए वे एमिकस बनना चाहते हैं। लिहाजा उन्हें एमिकस न बनने दिया जाए। सिब्बल ने कहा कि वे केवल कानून पर अपनी बात रखना चाहते हैं। सिब्बल ने कहा कि मामला इतने सालों से लटका है यही एक बड़ा स्कैंडल है।

वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ ट्रायल में हो रही देरी पर चिंता जताई थी। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को ये सुझाव दिया कि वे रायबरेली और लखनऊ में चल रहे मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए लगाएं और सुनवाई लखनऊ में हो।

लखनऊ वाले मामले में बीजेपी और संघ परिवार के बड़े नेताओं के ऊपर से साज़िश की धारा हटाई जा चुकी है। इसी को सीबीआई ने चुनौती दी है। लखनऊ का मामला ढांचा गिराए जाने से जुड़ा है।रायबरेली का मामला भीड़ को उकसाने का है।

इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपियों को आरोपमुक्त की दिया है जिसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री उमा भारती, राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी सहित अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त किया था।

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