वकीलों की हड़ताल से परेशान हुए पक्षकार, पंजीयन विभाग को करोड़ों का फटका
By dsp bpl On 31 Mar, 2017 At 03:25 PM | Categorized As मध्यप्रदेश, राजधानी | With 0 Comments

भोपाल/इंदौर। लॉ कमिशन के विरोध में वकीलों ने शुक्रवार को हड़ताल कर दी है। इससे आज प्रदेशभर में जिला कोर्ट व हाईकोर्ट में कोई काम नहीं हुआ। इंदौर में पूरे जिले में लगभग 5000 वकील हड़ताल पर रहे। कोर्ट परिसर में वकील जरूर पहुंचे, लेकिन विरोध जताते हुए प्रदर्शन किया। पक्षकार भी काम नहीं होने से लौट गए। सरकार वकीलों के लिए लॉ कमिशन ला रही है, जिससे वकीलों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा सके, लेकिन इस कमिशन के पक्ष में नहीं है। इसी प्रकार राजधानी भोपाल में भी वकील हड़ताल पर होने से पक्षकारों को भटकते रहे।

वकीलों का कहना है कि कानून से संबंधित व्यक्ति ही कमिशन में रहेगा। जबकि सरकार अन्य क्षेत्र के व्यक्ति को कमिशन का मुखिया बनाने की तैयारी कर रही है। वकील इसी बात का विरोध कर रहे हैं। जिला कोर्ट हाईकोर्ट में वकीलों ने आज काम नहीं किया। हड़ताल स्वरूप वकील गेट पर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। चूंकि आज वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन है। ऐसे में पंजीयन कार्यालय में बड़ी संख्या में प्रापर्टी की रजिस्ट्री होगी।

यहां हड़ताल का असर नहीं रहेगा। अर्थात वकीलों ने गुरुवार को ही रजिस्ट्री संबंधी ग्राफिटिंग का काम कर दिया था। वकीलों का काम आज नहीं रहेगा और आगे का काम सर्विस प्रोवाइडर करेंगे। पंजीयन कार्यालय में लगभग 300 वकील है और यह सभी वकील भी हड़ताल में शामिल है। इसी प्रकार कलेक्टोरेट कार्यालय में वकीलों ने काम नहीं किया।

वकील हड़ताल पर, पंजीयन विभाग को लगेगा करोड़ों का फटका

 राजधानी भोपाल समेत प्रदेशभर के वकील शुक्रवार को हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल के कारण केवल इंदौर में पंजीयन विभाग में गुरुवार को एक दिन में 987 रजिस्ट्रियां हो गईं और शुक्रवार को भी अधिकारियों को 25 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है, लेकिन पंजीयन विभाग से जुड़े वकील भी हड़ताल में शामिल हो रहे हैं, जिसके कारण विभाग को केवल तीन-चार करोड़ रुपए तक की आय ही होगी। पंजीयन विभाग के अधिकारी रात तक वकीलों को फोन लगाकर सहयोग करने के लिए कहते रहे, लेकिन उसके बाद भी वकीलों ने सहयोग करने से मना करते हुए हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया। प्रदेशभर के पंजीयन कार्यालयों का अनुमान लगाया जाए, तो वकील हड़ताल के चलते करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है।

मार्च का अंतिम दिन है और लोग रजिस्ट्रियां कराने के लिए पंजीयन कार्यालयों में उमड़ रहे हैं। ऐसे में शुक्रवार को देशभर के वकीलों द्वारा लॉ कमीशन द्वारा एडवोकेट एक्ट में प्रावधान के फेरबदल की सिफारिश के विरोध में की जा रही हड़ताल में पंजीयन विभाग से जुड़े वकील भी हड़ताल पर चले गए हैं। प्रदेशभर में इस हड़ताल के कारण अदालतों के कामकाज तो ठप हो ही गए हैं, पंजीयन कार्यालयों के काम की रफ्तार भी बहुत धीमी हो गई है। इससे प्रदेशभर में राजस्व का भारी नुकसान होना तय है।

इंदौर में तो वकीलों ने एक दिन पहले ही पक्षकारों को दस्तावेजों की रजिस्ट्रियां करने के लिए बुला लिया था, जिसके चलते वित्तीय वर्ष समाप्ति के एक दिन पहले 987 दस्तावेजों की रजिस्ट्री हो गई। लेकिन आज हड़ताल के कारण बेहद कम रजिस्ट्रियां होंगी। जिससे शासन को पहली बार सबसे कम राजस्व प्राप्त होगा। पंजीयन विभाग के अधिकारी रात तक वकीलों को फोन लगा-लगाकर आज सहयोग करने की गुहार लगाते रहे लेकिन वकीलों ने हड़ताल का समर्थन करते हुए सहयोग करने से मना कर दिया जिससे पंजीयन विभाग को भारी फटका लगने का अनुमान है।

अधिकारी यह अनुमान लगा रहे थे कि आज एक दिन में 25 से 40 करोड़ रुपए तक का राजस्व प्राप्त होगा लेकिन वकीलों के हड़ताल पर जाने की वजह से यह आंकड़ा केवल 3 से 4 करोड़ रुपए तक सिमटकर आने का अनुमान है। वकीलों ने जो भी दस्तावेज कल ड्राफ्ट किए है वह सर्विस प्रोवाइडर आज आगे नहीं बढ़ा पाएंगे। जिसके कारण भी बड़ा राजस्व नुकसान होगा।

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