हाईवे की शराब दुकानों पर बैन के आदेश पर संशोधन से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
By dsp bpl On 30 Mar, 2017 At 05:01 PM | Categorized As भारत | With 0 Comments

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर शराब की दुकानों पर बिक्री पर बैन लगाने के अपने पहले के आदेश पर संशोधन करने से इनकार कर दिया है । कोर्ट ने कहा है कि पब्लिक हेल्थ को लेकर हमारा आदेश साफ है । उसका आबकारी कानून से कोई लेना देना नहीं है ।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान राज्यों की तरफ से कहा गया कि आबकारी कानून के तहत किसी को भी लाईसेंस लेने का हक है । उन्होंने कहा कि ये आदेश अस्वीकार्य है और चाहे वो प्रशासनिक हो या व्यक्तिगत । कोर्ट ने कहा कि राजस्व की भरपाई के लिए सुझाव दीजिए लेकिन आप हमारे पास अंतिम समय में आए हैं।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तमिलनाडु और तेलंगाना ने पुनर्विचार की मांग की थी । चीफ जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने कल और आज दो दिन लगातार राज्यों की अर्जी पर सुनवाई की ।

अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा था कि पंजाब की मांग है कि शराब की बिक्री पर बैन केवल एनएच पर ही नहीं होना चाहिए बल्कि स्टेट हाईवे पर भी बैन होना चाहिए । स्टेट हाईवे कई छोटे छोटे शहरों से होकर गुजरता है । उन्होंने कहा था कि ओरिजनल याचिका पंजाब की तरफ से दायर की गई है लेकिन इसका पूरे देश के लिए विस्तार करना चाहिए । उन्होंने कहा कि 500 मीटर के दायरे पर सभी जगहों पर रोक नहीं लगाई जा सकती है । ये अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीके से लागू होना चाहिए । उन्होंने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर अंकुश लगाने के अलग-अलग तरीके हैं लेकिन शराब की दुकानों पर रोक लगाने से राज्यों को काफी नुकसान होगा ।

चीफ जस्टिस ने पूछा था कि एक राज्य में स्टेट हाईवे से गुजरने वाली कितनी शराब की दुकानें होंगी? सौ या दो सौ? तो अटार्नी जनरल ने कहा कि तमिलनाडु में शराब की पांच हजार दुकानें स्टेट हाईवे पर हैं । चीफ जस्टिस ने कहा कि राज्यों को हो रहे नुकसान का राज्यों को विकल्प ढूंढ़ना होगा । जिसकी मौत होती है उसका परिवार सबसे ज्यादा भुगतता है ।

आपको बता दें कि पिछले साल 15 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर शराब की दुकानों पर बिक्री पर एक अप्रैल से बैन लगाने का आदेश दिया था । कोर्ट ने कहा था कि अब एनएच और एसएच पर शराब की दुकानों के साईनबोर्ड नहीं दिखेंगे । कोर्ट ने आदेश दिया है कि अब नए लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे और न ही पुराने लाइसेंस को रिन्यू किया जाएगा । सभी राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन कराने की निगरानी करेंगे।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में हाईवे पर होने वाली सड़क दुर्घटना पर याचिका दायर की गई थी जिसमें कहा गया है कि इन दुर्घटनाओं की सबसे बड़ी वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना है।

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