Home भारत मायावती की बसपा अब बनी ‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’: मोदी

मायावती की बसपा अब बनी ‘बहनजी सम्पत्ति पार्टी’: मोदी

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जालौन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी जनसभा में एक बार फिर नोटबन्दी के फैसले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और कांग्रेस पर हमला बोला और मायावती प्रमुख रूप से उनके निशाने पर रहीं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बसपा कहां से कहां पहुंच गयी। सपा और बसपा एक दूसरे के इतने विरोधी हैं कि सपा कहे सुबह है तो बसपा कहे रात है, सपा कहे पूरब कहे तो बसपा कहेगी पश्चिम जायेंगे, लेकिन नोटबन्दी को लेकर सपा, बसपा और कांग्रेस सब इकट्ठे हो गए। सबके सब एक ही भाषा बोलने लग गए। बहनजी ने तो कहा कि पूरी तैयार नहीं की थी। प्रधानमंत्री ने कहा, ”सरकार ने नहीं की थी या आपने नहीं की थी।” पीएम मोदी बोले कि बहनजी ने कहा कि एक सप्ताह दे देते तो हमारा विरोध नहीं था। प्रधानमंत्री ने कहा ये सप्ताह दे देते तो क्या मतलब था? उन्होंने कहा कि अगर उसके बाद नोटबन्दी लागू करता तो यह नोट बैंक में आता क्या? पूरा खेल खत्म हो जाता की नहीं? लूटने वाले लूट के चले जाते न? प्रधानमंत्री ने कहा कि विरोधी दलों की दिक्कत इस बात से है कि क्या उनको तैयारी का मौका नहीं मिला ?

मायावती के बयान का हवाला देते हुए पीएम मोदी बोले कि उन्होंने कहा कि चुनाव आता है तभी मेरे भाई का हिसाब क्यों लिया जाता है। बसपा ने 100 करोड़ जमा किए उसका हिसाब क्यों लिया जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा, ”अरे बहनजी चुनाव के कारण आपने नोटबन्दी के बाद 100 करोड़ जमा किए, इसलिए चर्चा हो रही है”। उन्हांने कहा कि अब तो बसपा का नाम ही बदल गया है। अब बहुजन समाज पार्टी नहीं है,, बहुजन तो सिर्फ बहनजी में सिमट गया है, अक्षर वही है जगह बदल गयी है। अब यह बहनजी सम्पत्ति पार्टी बन गई है। पीएम मोदी ने जनता से पूछते हुए कहा कि जो अपने लिए धन जमा करते हैं, वह कभी आपकी समस्याओं का समाधान करेंगे क्या? इसलिए सपा, बसपा, और कांग्रेस को आपने परख लिया है। यह लोग 70 साल के बाद भी पीने का पानी नहीं दे पाये। उनके भरोसे आपकी गाड़ी आगे चलेगी क्या? हिम्मत के साथ इन्हें बुन्देलखण्ड से चुन-चुन कर साफ कर दीजिए। उन्होंने कहा कि 70 साल में बुन्देलखण्ड की जो बर्बादी है, उसे पांच साल में ठीक करना है। यहां इतना बड़ा गड्ढा है कि अगर बुन्देलखण्ड को उससे बाहर निकालना है तो अकेले लखनऊ और दिल्ली का इंजन काम नहीं आयेगा। इसके लिए लखनऊ और दिल्ली दोनों में भाजपा का इंजन लगाना पड़ेगा, तब बुन्देलखण्ड इस गड्ढे से बाहर निकलेगा।

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